मोरीजा में 1025 बीघा भूमि को भू-माफियाओं द्वारा खुर्द - बुर्द करने का मुद्दा विधानसभा में गूंजा

जीवन अनमोल है , इसे आत्महत्या कर नष्ट नहीं करें !

मास्क लगाकर रहें ! सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखें !

संस्कार न्यूज़ @ राम गोपाल सैनी 

चौमूं (संस्कार न्यूज़) भाजपा प्रदेश मुख्य प्रवक्ता एवं विधायक रामलाल शर्मा ने आज विधानसभा में मोरीजा में 1025 बीघा भूमि को भू-माफियाओं द्वारा खुर्द बुर्द करने का मुद्दा विधानसभा में उठाया। विधायक शर्मा ने कहा कि सरकार कहती है कि हम तो ट्रस्टीशिप है और ट्रस्टीशिप करने के लिए आए हैं, लेकिन बाड़ ही खेत को खाने लग जाए, रक्षक ही  अगर भक्षक बन जाए तो बचाने वाला कौन है।


 
उन्होंने अध्यक्ष महोदय के माध्यम से कहा कि मेरे विधानसभा क्षेत्र में ग्राम मोरीजा के अंदर ठाकुर अमरसिंह के पास 585 बीघा जमीन थी 585 बीघा जमीन में से 314 बीघा जमीन श्री करणी संयुक्त क्रय विक्रय सहकारी समिति जो बिना रजिस्टर्ड थी, उसके नाम 1964 में रजिस्ट्री कराते हैं। 1964 में 314 बीघा की रजिस्ट्री कराने के उपरांत ग्राम पंचायत के पास नामांतरण के लिए आते हैं तो ग्राम पंचायत ने मना कर दिया कि यह सीलिंग की जमीन है यह सरकार की जमीन है हम इसका नामांतरण तस्दीक नहीं करेंगे। तत्कालीन एसडीएम आमेर के पास ही 13 व्यक्ति जाते हैं और 13 व्यक्तियों के नाम से इस जमीन की रजिस्ट्री कराई जाती है। यह एसडीएम आमेर के पास जाकर एक एप्लीकेशन लगाते हैं, कि हमारा नामांतरण तस्दीक किया जाए। ग्राम पंचायत मोरीजा के इनकार करने के बाद भी ग्राम पंचायत चीथवाड़ी में नामांतरण तस्दीक करते हैं। 

इसके बाद 1025 बीघा जमीन का नामांतरण तस्दीक होने के बाद तहसीलदार ने जांच करने पर पाया कि इस जमीन में 440 बीघा गोचर जमीन है। जिसका नामांतरण गलत तस्दीक किया जाता  है। 13 व्यक्तियों के अंदर एक व्यक्ति एसडीएम कोर्ट में जाकर स्टे ले लेता है। स्टे होने की वजह से वह नामांतरण, जो 440 बीघा का जिसके लिए तहसीलदार ने कहा कि यह सरकारी जमीन है, गोचर जमीन है, वह तस्दीक नहीं हो पाता, क्योंकि उसके ऊपर था। उसके बाद 2005 के अंदर रेवेन्यू बोर्ड से रिमांड होकर पत्रावली तहसीलदार चोमू के पास आती है। तहसीलदार चोमू ने 2005 में कहा कि यह सारी की सारी जमीन सीलिंग की है सरकार की है और उस नामांतरण को निरस्त करते हुए ठाकुर अमरसिंह के नाम से नामांतरण खोलकर तत्काल एसडीएम चोमू के यहां एक सीलिंग का प्रकरण दर्ज कराया जाता है।  2005 में सीलिंग का प्रकरण दर्ज कराने के बाद एसडीएम की बदनियति के उपरांत एक पुनीत नाम का व्यक्ति, जो पक्षकार नहीं होते हुए भी उसके प्रार्थना पत्र के ऊपर तहसील तत्कालीन एसडीएम चौमूं ने तहसीलदार, चौमू के आदेश पर स्टे देकर इस करोड़ों रुपए की बेशकीमती जमीन को खुर्द बुर्द करने का काम किया।

विधायक शर्मा ने कहा कि मेरा सरकार से निवेदन है कि आज की तारीख के अंदर रेवेन्यू बोर्ड के अंदर निगरानी विचाराधीन है, यथास्थिति के आदेश है, हाइकोर्ट से यथास्थिति के आदेश है, उसके बाद भी भूमाफिया 1025 बीघा जमीन को खुर्द बुर्द करने का काम कर रहे हैं, उस जमीन पर तारबंदी, निर्माण कार्य और ट्यूबेल कराने का काम कर रहे हैं। ऐसे में मेरा सरकार से आग्रह है कि यह जमीन सरकार की है, सीलिंग की जमीन है। इस जमीन को बचाने के लिए जो भी मौके के ऊपर यथास्थिति के बावजूद अतिक्रमण कर रहे हैं उनके खिलाफ सरकार एफआईआर दर्ज कराएं और उस समय से लेकर अब तक जिन भी लोकसेवकों ने अपराध किया है, अपने कर्तव्यों का पालन नहीं किया है, उन अधिकारियों के खिलाफ भी आप मुकदमा दर्ज कराकर उसकी जांच करवाएं। ताकि निष्पक्ष जांच के आधार पर यह बेशकीमती जमीन बच सके। और सरकार भी जनता को अहसास कराएगी कि सरकार ट्रस्टीशिप के रूप में काम कर रही है, बेशकीमती जमीन को बचाने के लिए काम कर रहे हैं। उन्होने मंत्री महोदय को बहुत संवेदनशील बताते हुए कहा कि आप ऐसे मामलों में बहुत गंभीर रहते हैं, मैं चाहूंगा कि आप आदेश दें कि जो भी अधिकारी इस प्रकरण में लिप्त है उसकी जांच करवाएं और उस जमीन को बचाने का काम करें।


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