जीवन अनमोल है , इसे आत्महत्या कर नष्ट नहीं करें !
सुबह की शुरुआत माता-पिता के चरण स्पर्श से करें !
संस्कार सृजन @ राम गोपाल सैनी
उत्तराखंड (संस्कार सृजन) एक समाज सुधारक, विचारक चिंतक लेखक दार्शनिक क्रन्तिकारी, समाज सेवी, प्रबोधक शिक्षाविद, महात्मा ज्योतिबा फुले का जन्म 11 अप्रैल 1827 को पिता गोविन्द राव माता चिमना बाई के घर, गांव कटगुण, पुणे, महाराष्ट्र में हुआ था।
फुले शब्द का अर्थ फूल से है फूलो से सम्बंधित फूल बेचने वाले, महाराष्ट्र में फूले, मध्यप्रदेश में मरार, माली, उत्तरप्रदेश उत्तराखंड में सैनी कहा जाता है। ज्योति का अर्थ प्रकाश, ज्ञान का प्रतीक राव शब्द का अर्थ राजा श्रेष्ठ, सम्मान एवं गौरव का प्रतीक माना जाता है।
महात्मा शब्द का अर्थ संस्कृत में महान आत्मा सुख समृदि की राह दिखाने वाला व्यक्ति सन् 1888 में फुले को महाराष्ट्रीय सामाजिक कार्यकर्ता विठ्ठल राव कृष्ण वंदेकर द्वारा महात्मा की उपाधि से सम्मानित किया गया | ज्योतिबा फुले के गुरु फल्के थे। फुले दिन में खेती करते, रात को पढ़ते फुले को उनके पड़ोसी उर्दू फारसी के गफ्फार बेग और ईसाई पादरी लेजिठ ने 1841 में उन्हें स्कूल में भर्ती कराया था। उन्होंने कक्षा सात की पढ़ाई 21 वर्ष की आयु में पूरी की थी।
सन् 1873 में सत्य शोधक समाज की स्थापना की थी। शिक्षा और सामाजिक सशक्तिकरण उनका मुख्य उद्देश्य था। 1848 में भारत में बालिकाओं की शिक्षा हेतु पहला स्कूल खोला था | 13 वर्ष की आयु में 1840 में ज्योति राव फुले का विवाह 9 वर्ष की सावित्री बाई फुले से हुआ |
फुले के अनुसार परमेश्वर एक है और हम सभी मानव उनकी संतान है, समाज को एक नई दिशा दिखाई, भारतीय समाज में प्रचलित जाति पर आधारित विभाजन और भेदभाव के विरुद्ध थे समाज के सभी वर्गों को शिक्षा प्रदान करने के प्रबल समर्थक थे। तत्कालीन दयनीय स्थिति से फूले बहुत चिंतित एवं व्याकुल थे। उनका मूल उद्देश्य बालिका शिक्षा हेतु अवसर प्रदान करना था। बाल विवाह का विरोध, विधवा विवाह का समर्थन किया। समाज में फैली कुप्रथा अंध विश्वास के जाल से समाज को मुक्त करना था। अपना सम्पूर्ण जीवन बालिका शिक्षा एवं अधिकार दिलाने के प्रति जागरुकता करने में लगा दिया। सावित्री बाई फुले को भारत की प्रथम शिक्षक, अध्यापिका बनाई।
फुले ने मराठी एवं अंग्रेजी माध्यम में शिक्षा प्राप्त की थी। गुलाम गिरी पुस्तक फुले ने सन् 1873 में समाज के दलित वर्ग के लिए गुलाम गिरी लिखा जाती व्यवस्था के भेदभाव और उत्पीड़न का एहसास हो सके।
शिक्षा के क्षेत्र 1882 में फुले ने भारत की शिक्षा व्यवस्था में सुधार हेतु ब्रिटिश शासको द्वारा नियुक्त प्रथम आयोग जिस का अध्यक्ष विलियम हंटर नामक व्यक्ति था, उसके समक्ष सन् 1882, 19 अक्टूबर को सुझाव हेतु एक निवेदन प्रस्तुत किया एक शिक्षक के रूप में कार्यों का उल्लेख करते हुए विस्तारपूर्वक निवेदन किया गया 5 फरवरी 1852 को ज्योतिबा राव फुले द्वारा लिखे गये पत्र आर्थिक सुधार से सहमत कर स्वीकार किया गया।
भारतीय संविधान के निर्माता डॉ. भीमराव अम्बेडकर ने ज्योतिबा फुले को अपना सामाजिक गुरु माना । फुले का सर्वप्रथम सपना था, भारत में लोक तंत्र स्थापित हो जिसकी नींव फुले ने रखी थी। जो भारत में सफल हुआ। फुले का नारा था जय ज्योति जयक्रांति विलक्षण प्रतिभा के धनि महात्मा ज्योति राव फुले 28 नवम्बर 1890 में पुणे में निधन पंच तत्व में विलीन हो गये।
लेखक : अशोक पाल सिंह (रा.उ.मा.वि. बिझौली,जनपद हरिद्वार उत्तराखंड)
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