जीवन अनमोल है , इसे आत्महत्या कर नष्ट नहीं करें !
सुबह की शुरुआत माता-पिता के चरण स्पर्श से करें !
संस्कार सृजन @ राम गोपाल सैनी
जयपुर (संस्कार सृजन) एम्बेसी मिलेनियम स्कूल द्वारा आयोजित वार्षिक सांस्कृतिक महोत्सव "नवरस 2025" का भव्य आयोजन बिरला ऑडिटोरियम में किया गया।
कार्यक्रम में स्टूडेंट्स के दादा-दादी और नाना-नानी को विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया। इस पहल का उद्देश्य पारिवारिक मूल्यों को प्रोत्साहन देना और पीढ़ियों के बीच संबंधों को सुदृढ़ करना रहा। स्टूडेंट्स ने अपने दादा-दादी और नाना-नानी के साथ मंच साझा करते हुए "दादी अम्मा दादी अम्मा मान जाओ" और "नानी तेरी मोरनी को मोर ले गए" जैसे गानों पर भावुक और मनोरंजक प्रस्तुतियां दीं।
बॉलीवुड के लोकप्रिय गायक समर्थ स्वरूप को 'रूह-ए-मौसिकी' सम्मान दिया गया। उन्हें यह सम्मान भारतीय संगीत को समर्पित उनके योगदान और सुरीले गीतों से स्टूडेंट्स के दिलों में स्थान बनाने के लिए प्रदान किया गया। मंच पर समर्थ स्वरूप ने अपने सुरों की जादूगरी से ऐसा समा बांधा कि पूरा ऑडिटोरियम तालियों से गूंज उठा।
कार्यक्रम की शुरुआत एम्बेसी मिलेनियम स्कूल के निदेशक श्री निर्मल पंवार ने मां सरस्वती की पूजा एवं दीप प्रज्वलन कर की, जिसके उपरांत स्कूल के स्टूडेंट्स ने भावपूर्ण सरस्वती वंदना प्रस्तुत की।
स्कूल के निदेशक निर्मल पंवार ने कहा-की वार्षिक समारोह में नाना नानी और दादा दादी को बुलाकर सम्मान देने का उद्देश्य रहा कि बच्चे बड़ो सम्मान, आदर और उनसे भारतीय संस्कृति और बड़े बुजुर्गों का सम्मान करें साथ ही इस कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों की प्रतिभा, आत्मविश्वास आदि को ऐसे समारोह से बल मिलेगा,
इस सांस्कृतिक में स्कूल के विद्यार्थियों ने भारतीय परंपरा, संगीत और नृत्य की सुंदर प्रस्तुतियों से मंच को जीवंत कर दिया। लोकनृत्य, नाट्य और संगीत की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को भारतीय संस्कृति की विविधता से परिचित कराया।
"नवरस 2025" ने न सिर्फ सांस्कृतिक विविधता को मंच दिया, बल्कि संगीत, कला और परंपरा के संगम से एक अविस्मरणीय अनुभव भी रचा। अंत में पारुल रंका द्वारा अतिथियों और अभिभावकों का धन्यवाद ज्ञापित किया |
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