राष्ट्रीय कवि चौपाल की 40वीं काव्य गोष्ठी का आयोजन

जीवन अनमोल है , इसे आत्महत्या कर नष्ट नहीं करें !

मास्क लगाकर रहें ! सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखें !

संस्कार न्यूज़ @ राम गोपाल सैनी 

दौसा (संस्कार न्यूज़) राष्ट्रीय कवि चौपाल,दौसा शाखा के तत्वावधान में 40 वीं मासिक काव्य गोष्ठी का आयोजन विश्व कविता दिवस के उपलक्ष में बजरंग मैदान,दौसा में किया गया। काव्य गोष्ठी के मुख्य अतिथि राष्ट्रीय कवि चौपाल के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयपुर से पधारे शाइर कासिम बीकानेरी तथा अध्यक्षता की राष्ट्रपति से राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित शिक्षक व साहित्यकार रामबाबू ज्योति ने ।

इस अवसर पर संस्था की ओर से सम्मान की कड़ी में वरिष्ठ साहित्यकार विनोद गौड़ "मधुर" को स्वर्ण पदक एवं "राष्ट्रीय कवि चौपाल सम्मान" से सम्मानित किया गया। सम्मान स्वरूप माल्यार्पण, सम्मान पत्र एंव साहित्यिक पुस्तकें भेंट की गई | साथ ही युवा कवि धर्मेन्द्र कुमार सैनी को सरकारी सेवा में वरिष्ठ अध्यापक के पद पर चयन होने पर संस्था की ओर से अभिनंदन पत्र भेंटकर सम्मानित किया गया। 

काव्य गोष्ठी में धर्मेन्द्र कुमार धर्मी ने-"सकल जग में घूम रहा मृत्यु वायरस दूत" व "जीतने का रखते हो शौक़ तो दिल ए आवाम जीतिए"...रचना सुनाई। राहुल शर्मा ने-"नजर से नहीं देख पा रहा हूं बीच में हूँ साहिल....रचना सुनाई। नरेश रतन चौहान ने-" होली तो बस एक बहाना है" के साथ ही "तूने दिए जो ज़ख़्म मेरे दिल में अभी है"....रचना सुनाकर खूब वाहवाही लूटी।  रामबाबू ज्योति ने- बृज भाषा में "होली के हुड़दंग में हो गये लाल ही लाल"..... रचना सुनाई। विनोद गौड़"मधुर" ने -"मैं कवि बन गया, मैं कवि बन गया"...कविता सुनाई।  जयपुर से पधारे क़ासिम बीकानेरी ने- "जो खरे नहीं हैं आदमी मत लिखना उनकी शान में, लिखने को तो कई विषय है अपने हिंदुस्तान में"....गीत सुनाकर मंत्र मुग्ध कर दिया। रवीन्द्र कुमार चतुर्वेदी ने -"प्यार प्रभु का स्वरुप होता है"...।  बांदीकुई से पधारे धर्मेन्द्र कुमार सैनी ने-"कोई बदनाम न करें हमें होली के बहाने".....। वरिष्ठ साहित्यकार राजेंद्र यादव'आजाद' ने- "जीते जी भोजन नहीं, करते मृत्युभोज" जैसे खरे कटाक्ष करे।  ग़ज़लकारा रानू गोठवाल ने-"बेटी बचाएंगे हम, बेटी पढ़ाएंगे हम, सदियों की दास्तां को जड़ से मिटाएंगे हम".....पंक्तियों से बेटी बचाओ का संदेश दिया। पावटा से पधारे हाकिम सिंह फ़ौजी ने "नदियों को नदियों से जोड़ो सागर तक मत जाने दो"..... रचना सुनाकर जल संरक्षण का संदेश दिया।  सलमान सिकन्दराबादी 'हुक्का' ने - "कुत्ता समझ के दूध जलेबी खिला गई".....हास्य कविता पढ़कर खूब वाह वाही लूटी। कवि कृष्ण कुमार सैनी ने -"देश की सुरक्षा हेतु भेजें निज पूत, ऐसी वीर मां के चरणों में चारों धाम है".....कविता सुनाकर देशभक्ति का माहौल बना दिया। पत्रकार व कवि सुनील सत्यवादी ने कोरोना पर कविता सुनाई। वरिष्ठ साहित्यकार रामबाबू शर्मा 'राजस्थानी' ने - "मां तो परमात्मा की परछाई है".... रचना सुनाई। साथ ही काव्य गोष्ठी का संचालन भी किया।

काव्य गोष्ठी के अंत में बीकानेर के वरिष्ठ साहित्यकार नरपत सिंह सांखला के निधन पर दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई। जिलाध्यक्ष कवि कृष्ण कुमार सैनी ने सभी पधारे हुए साहित्यकारों का आभार प्रकट किया।


हम सभी किसी ना किसी रूप में जरूरतमंदों की सेवा कर सकते हैं | पड़ोसी भूखा नहीं सोए इसका ध्यान रखें |

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