गुरु नमन–10 में कथक की विविध प्रस्तुतियों ने मोहा मन, गुरु-शिष्य परंपरा को किया नमन

जीवन अनमोल है , इसे आत्महत्या कर नष्ट नहीं करें !

सुबह की शुरुआत माता-पिता के चरण स्पर्श से करें !

अब सिर्फ 150 रुपए में साल भर घर मंगवाएँ "संस्कार सृजन" न्यूज़ पेपर ! 

संस्कार सृजन @ राम गोपाल सैनी 

जयपुर (संस्कार सृजन) गीतांजलि म्यूजिक सोसाइटी, जयपुर के तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय सांस्कृतिक समारोह ‘गुरु नमन–10’ भारतीय शास्त्रीय संगीत एवं नृत्य की समृद्ध परंपरा, गुरु-शिष्य परंपरा और कला साधना के प्रति समर्पण का अनुपम उत्सव बना। संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित प्रख्यात कथक गुरु डॉ. शशि साँखला के मार्गदर्शन एवं सान्निध्य में आयोजित इस समारोह में कथक को मंच पर प्रस्तुत किया गया।

गीतांजलि म्यूजिक सोसाइटी पिछले 45 वर्षों से भारतीय शास्त्रीय संगीत एवं नृत्य की परंपरा को आगे बढ़ाने, उसके संरक्षण और संवर्धन के लिए निरंतर कार्य कर रही है। ‘गुरु नमन’ समारोह की दसवीं कड़ी ने इस सांस्कृतिक यात्रा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव जोड़ते हुए गुरुजनों के प्रति श्रद्धा और भारतीय कलाओं के प्रति समर्पण को अभिव्यक्त किया। संपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन डॉ. शशि साँखला जी की शिष्य मंडली द्वारा किया गया।

समारोह में भारतीय शास्त्रीय संगीत एवं नृत्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले कलाकारों को सम्मानित किया गया। ‘कला कौस्तुभ सम्मान’ से जयपुर घराने की प्रख्यात कथक गुरु एवं संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित गुरु उर्मिला नागर , भारत सरकार द्वारा पद्मश्री से सम्मानित सारंगी वादक उस्ताद मोइनुद्दीन खान तथा प्रसिद्ध तबला वादक उस्ताद जफर मोहम्मद को सम्मानित किया गया।

वहीं, नृत्य के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान के लिए ‘नृत्य मणि सम्मान’ से डॉ. सीमा गोयल, निभा नारंग, डॉ. गीतांजलि सिंह तथा जय प्रकाश सिसोदिया को सम्मानित किया गया।

इन सम्मानों के माध्यम से कलाकारों की वर्षों की साधना, कला के प्रति निष्ठा और भारतीय शास्त्रीय परंपराओं के संरक्षण एवं संवर्धन में उनके योगदान को सम्मानपूर्वक रेखांकित किया गया।

कथक की विविध प्रस्तुतियों ने बांधा समां :-

कार्यक्रम का आरंभ गणेश वंदना “द्वादश नाम  गणपति” से हुआ, जिसे डॉ. रीमा गोयल की शिष्याओं ने प्रस्तुत किया। इस प्रस्तुति में भगवान गणेश के विभिन्न स्वरूपों का स्मरण करते हुए मंगलमय वातावरण का निर्माण किया गया। इसके अलावा उनकी शिष्याओं द्वारा ‘मोर पंखा’ की मनोहर प्रस्तुति भी की गई। रसखान रचित इस रचना में श्रीकृष्ण के प्रति प्रेम, भक्ति और ब्रज संस्कृति की सौंदर्यपूर्ण अभिव्यक्ति देखने को मिली। 

इसके पश्चात डॉ. गीतांजलि सिंह के शिष्याओं ने ‘ताल पंचम सवारी’, “जटायु मोक्ष” एवं‘चतुरंग’ की प्रस्तुति दी। जटिल लयकारी, ताल की विविधताओं और पैरों के सधे हुए संचालन से सुसज्जित इस प्रस्तुति ने कथक की तकनीकी विशेषताओं को रेखांकित किया।

डॉ. शशि साँखला के वरिष्ठ विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत ‘रुद्र ताल’ ने अपनी ऊर्जस्विता, दमदार पद-संचालन और प्रभावशाली लयकारी से दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया।

समारोह में गुरु डॉ. शशि साँखला की ज्येष्ठ पुत्री एवं वरिष्ठ शिष्या डॉ. रीमा गोयल की विशेष प्रस्तुति आकर्षण का केंद्र रही। उन्होंने मांड ‘जूरी’ प्रस्तुत कर अपनी कलात्मक परिपक्वता और भावपूर्ण अभिव्यक्ति से श्रोताओं एवं दर्शकों को प्रभावित किया।

संगत कलाकारों में श्री मुन्ना लाल भाट ने गायन एवं हारमोनियम, मास्टर मोहम्मद ज़मान ने तबला, ऐश्वर्य आर्य ने पखावज, ज़ाकिर हुसैन ने सारंगी तथा मोहम्मद इरफान ने सितार पर संगत की। कार्यक्रम का मंच संचालन प्रणय भारद्वाज ने किया।

समारोह में कला जगत की अनेक प्रतिष्ठित एवं सम्मानित विभूतियाँ उपस्थित रहीं। उन्होंने सभी प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कलाकारों के उत्कृष्ट प्रदर्शन प्रशंसा की। गीतांजलि म्यूजिक सोसाइटी का यह आयोजन गुरुजनों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने, वरिष्ठ कलाकारों के योगदान को सम्मानित करने और भारतीय शास्त्रीय कलाओं की परंपरा को आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाने की दिशा में एक सार्थक प्रयास रहा।

किसी भी कार्यक्रम को लाइव दिखाने के लिए संपर्क करें - 9214996258, 7014468512, 9587061004.

बहुत जरूरी सूचना :- 

वोटर गाइड देखें

कैलेंडर देखें

1. रात को दुर्घटना से बचने के लिए अपनी गाड़ी को लो बीम में चलाएँ !

2. खुले कुओं और नलकूप को जल्द से जल्द बंद करवाएं !

हमसे जुड़े :-

Facebook :- https://www.facebook.com/RamGopalSainiofficial

Tweeter :- https://twitter.com/RamgGopal

Instagram :- https://www.instagram.com/ram_gopalsaini/

Youtube :- https://www.youtube.com/channel/UCDNuBdPbTqYEOA-jHQPqY0Q


1. हम सभी किसी ना किसी रूप में जरूरतमंदो की सेवा कर सकते हैं |
शहर खोजें

2. पड़ोसी भूखा नहीं सोए इसका ध्यान रखें |

3. जीवन में आप इस धरती पर अपने नाम का एक पेड़ जरूर लगाएँ |

4. बेजुबानों के लिए दाना-पानी की व्यवस्था जरूर करें !

विडियो देखने के लिए -https://www.youtube.com/channel/UCDNuBdPbTqYEOA-jHQPqY0Q 

स्मार्ट टीवी देखें

अपने आसपास की खबरों , लेखों और विज्ञापन के लिए संपर्क करें - 9214996258, 7014468512,9929701157.

इमरजेंसी नंबर :- पुलिस कंट्रोल रूम- 100, चौमूं थाना - 01423-221009, डीसीपी पूर्व- 0141-2203400, एसीपी चौमूं -01423-221456, गोविंदगढ़ थाना-01423-230023, डीएसपी गोविंदगढ़-01423-230905, जयपुर ग्रामीण एसपी-0141-2206869, एंबुलेंस-108, सीएचसी चौमूं -01423-221424, सीएचसी गोविंदगढ़ - 01423-230077, सीएचसी सामोद-01423-240105, बिजली हेल्पलाइन-6376917467, एक्स ईएन चौमूं-01423-220069

Post a Comment

0 Comments