राजसमंद में पहली बार आयोजित रंगनायक–2026 का भव्य समापन

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संस्कार सृजन राम गोपाल सैनी 

उदयपुर (संस्कार सृजन) टीम संस्था, उदयपुर द्वारा आयोजित एक माह की ग्रीष्मकालीन रंगमंच कार्यशाला 'रंगनायक–2026' का भव्य समापन राजसमंद के कांकरोली स्थित विश्व भारती सोसायटी हॉल में हुआ। कार्यशाला के अंतिम दिन प्रतिभागियों ने शानदार नाट्य प्रस्तुतियों के माध्यम से अपने अभिनय कौशल का प्रभावशाली प्रदर्शन किया, जिसे दर्शकों ने भरपूर सराहा।

कार्यशाला के निर्देशक सुनील टांक ने बताया कि पिछले कई वर्षों से 'रंगनायक' का आयोजन उदयपुर में होता आ रहा था, लेकिन इस वर्ष पहली बार इसे राजसमंद में आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य उदयपुर के साथ-साथ आसपास के शहरों के बच्चों एवं युवाओं को भी रंगमंच प्रशिक्षण का अवसर प्रदान करना था।

लगभग एक माह तक चली इस कार्यशाला में जूनियर वर्ग (7 से 17 वर्ष) के 76 तथा सीनियर वर्ग (18 वर्ष से अधिक) के 21 प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को रंगमंच की मूलभूत एवं उन्नत तकनीकों से व्यावहारिक रूप से अवगत कराया गया। कार्यशाला की शुरुआत विभिन्न थिएटर गेम्स एवं अभ्यासों से हुई, जिसके बाद अभिनय के सिद्धांत, मंच एवं कैमरा अभिनय, इम्प्रोवाइजेशन, बॉडी लैंग्वेज, वॉयस एंड स्पीच, एक्सप्रेशन, इमोशन बिल्डिंग, इमेजिनेशन तथा नवरस सहित अभिनय के विभिन्न आयामों का प्रशिक्षण दिया गया।

समापन समारोह में प्रतिभागियों ने दो नाटकों का मंचन किया। जूनियर वर्ग के बच्चों ने सामाजिक संदेश पर आधारित नाटक 'आओ बड़ों, तुम्हे सिखाए' का भावपूर्ण मंचन किया, जबकि सीनियर वर्ग के प्रतिभागियों ने मनोवैज्ञानिक विषय पर आधारित नाटक 'साया' प्रस्तुत कर दर्शकों की खूब वाहवाही बटोरी। दोनों नाटकों का लेखन एवं निर्देशन सुनील टांक ने किया।

नाटकों की मंच सज्जा वरिष्ठ रंगकर्मी शैलेन्द्र शर्मा तथा वेशभूषा वरिष्ठ नाट्यकर्मी रामेश्वर गौर द्वारा तैयार की गई। कार्यशाला के सफल संचालन में पूजा लोढ़ा, पूजल मंडोत, हर्षिल कवड़िया एवं डॉ. सोनम जैन का विशेष सहयोग रहा।

समापन समारोह में मुख्य अतिथि डीवाईएसपी शिप्रा राजावत ने कार्यशाला एवं नाट्य प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की रचनात्मक गतिविधियाँ बच्चों और युवाओं के व्यक्तित्व विकास के साथ-साथ उनके आत्मविश्वास एवं अभिव्यक्ति क्षमता को भी सशक्त बनाती हैं। उन्होंने भविष्य में भी ऐसे सृजनात्मक आयोजनों के निरंतर आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया।

समारोह के अंत में सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। इस अवसर पर उपस्थित अतिथियों, अभिभावकों एवं दर्शकों का आभार व्यक्त करते हुए सुनील टांक ने कहा कि टीम नाट्य संस्था भविष्य में भी राजसमंद सहित प्रदेश के विभिन्न शहरों में इस प्रकार की रंगमंचीय कार्यशालाओं का आयोजन करती रहेगी।

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