प्रेम: तपती दुनिया में एक सात्विक थेरेपी

जीवन अनमोल है , इसे आत्महत्या कर नष्ट नहीं करें !

सुबह की शुरुआत माता-पिता के चरण स्पर्श से करें !

अब सिर्फ 150 रुपए में साल भर घर मंगवाएँ "संस्कार सृजन" न्यूज़ पेपर ! 

संस्कार सृजन राम गोपाल सैनी 

गर्मी अब सिर्फ एक ऋतु नहीं रही,

यह एक संकेत बन चुकी है।

तेज होती धूप, बदलता मौसम,

और असंतुलित प्रकृति

ये सब हमें बता रहे हैं कि कहीं न कहीं

हमारे आचरण में कमी आई है।

क्लाइमेट चेंज केवल विज्ञान का विषय नहीं,

यह हमारे व्यवहार का परिणाम है।

जब मन अशांत होता है,तो उसका प्रभाव 

केवल इंसान पर नहीं पूरी प्रकृति पर पड़ता है।

आज विश्व में बढ़ते तनाव,

युद्ध जैसे हालात और आपसी संघर्ष 

ये सब उसी असंतुलन की तस्वीर हैं।

ऐसे समय में सवाल यह नहीं कि

दुनिया में क्या हो रहा है,बल्कि यह है कि

हम अपने भीतर क्या जी रहे हैं?

प्रेम एक अनुभूति है।

यह कोई आकर्षण या वासना नहीं,

बल्कि एक सात्विक अवस्था है 

जो भीतर शांति और संतुलन पैदा करती है।

एक प्रेम अध्यात्म की तरह है

जो ब्रह्माण्ड की थेरेपी से उपजा है। 

लेकिन इस प्रेम की शुरुआत बाहर से नहीं स्वयं से होती है।

जब हम स्वयं से प्रेम करना सीखते हैं,

तभी हम हर चीज़ को प्रेम की मर्यादा में देखने लगते हैं।

तभी प्रकृति हमें सिर्फ संसाधन नहीं, 

बल्कि एक जिम्मेदारी लगने लगती है।

पेड़-पौधे, जीव, पहाड़, नदियाँ

ये सब सभ्य प्रेम की भाषा समझते हैं।

अगर हमारे भीतर सात्विक प्रेम है, 

तो वह हमारे व्यवहार में दिखेगा

हम प्रकृति को नुकसान नहीं पहुँचाएँगे,

बल्कि उसकी रक्षा करेंगे।

जैसा आचरण, वैसा व्यवहार।

यही सिद्धांत व्यक्ति से लेकर विश्व तक लागू होता है।

अगर व्यक्ति का मन संतुलित होगा,तो समाज शांत होगा।

और जब समाज शांत होगा,

तभी दुनिया में संघर्ष कम होंगे।

प्रेम केवल रिश्तों को नहीं बदलता यह दृष्टिकोण बदलता है।

और जब दृष्टिकोण बदलता है,

तो निर्णय बदलते हैं,

और वही निर्णय भविष्य को दिशा देते हैं।

लेकिन एक बात स्पष्ट होनी चाहिए

प्रेम का अर्थ केवल मीठे शब्द नहीं है।

इतना भी मीठा नहीं बोलना चाहिए 

कि वही शब्द पीठ पीछे ज़हर बन जाएँ।

मीठा झूठ विश्वास को तोड़ता है, और कड़वा सच

अगर नीयत साफ हो

तो वही असली दवाई बनता है।

इसलिए सच्चा और सात्विक प्रेम वही है 

जहाँ सत्य हो, संतुलन हो,

और जिम्मेदारी का भाव हो।

आज जब दुनिया गर्म हो रही है

सिर्फ तापमान से नहीं,बल्कि विचारों से भी 

तब जरूरत है एक ऐसे प्रेम की,

जो हमें भीतर से ठंडा करे,

और बाहर की दुनिया को भी संतुलित बनाए।

क्योंकि अगर प्रेम सही रूप में जिया जाए, 

तो वह सिर्फ एक भावना नहीं एक परिवर्तन बन सकता है।

लेखिका: जया रोहिन, आबूरोड 

किसी भी कार्यक्रम को लाइव दिखाने के लिए संपर्क करें - 9214996258,7014468512,9587061004.

सब्सक्रिप्शन बेचें

बहुत जरूरी सूचना :- 

1. रात को दुर्घटना से बचने के लिए अपनी गाड़ी को लो बीम में चलाएँ !

2. खुले कुओं और नलकूप को जल्द से जल्द बंद करवाएं !

हमसे जुड़े :-

Facebook :- https://www.facebook.com/RamGopalSainiofficial

Tweeter :- https://twitter.com/RamgGopal

Instagram :- https://www.instagram.com/ram_gopalsaini/

Youtube :- https://www.youtube.com/channel/UCDNuBdPbTqYEOA-jHQPqY0Q


1. हम सभी किसी ना किसी रूप में जरूरतमंदो की सेवा कर सकते हैं | 

2. पड़ोसी भूखा नहीं सोए इसका ध्यान रखें |

3. जीवन में आप इस धरती पर अपने नाम का एक पेड़ जरूर लगाएँ |

4. बेजुबानों के लिए दाना-पानी की व्यवस्था जरूर करें !

विडियो देखने के लिए -https://www.youtube.com/channel/UCDNuBdPbTqYEOA-jHQPqY0Q 

अपने आसपास की खबरों , लेखों और विज्ञापन के लिए संपर्क करें - 9214996258, 7014468512,9929701157.

सब्सक्रिप्शन बेचें

ज़्यादा जानें
धर्म चर्चा
टेक्नोलॉजी अपडेट
वेब सीरीज़ सब्सक्रिप्शन
स्वास्थ्य टिप्स
टेक्नोलॉजी गैजेट्स
मौसम अपडेट
क्रिकेट उपकरण
समाचार सदस्यता
विज्ञापन सेवाएँ
हास्य पुस्तक

इमरजेंसी नंबर :- पुलिस कंट्रोल रूम- 100, चौमूं थाना - 01423-221009, डीसीपी पूर्व- 0141-2203400, एसीपी चौमूं -01423-221456, गोविंदगढ़ थाना-01423-230023, डीएसपी गोविंदगढ़-01423-230905, जयपुर ग्रामीण एसपी-0141-2206869, एंबुलेंस-108, सीएचसी चौमूं -01423-221424, सीएचसी गोविंदगढ़ - 01423-230077, सीएचसी सामोद-01423-240105, बिजली हेल्पलाइन-6376917467, एक्स ईएन चौमूं-01423-220069

Post a Comment

0 Comments