जीवन अनमोल है , इसे आत्महत्या कर नष्ट नहीं करें !
सुबह की शुरुआत माता-पिता के चरण स्पर्श से करें !
संस्कार सृजन @ राम गोपाल सैनी
जयपुर (संस्कार सृजन) इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय के 38वें दीक्षांत समारोह का आयोजन आज मुख्यालय एवं समस्त क्षेत्रीय केन्द्रों पर एक साथ आयोजित किया गया। मुख्य समारोह इग्नू मुख्यालय नई दिल्ली में हुआ, जिसमें धमेन्द्र प्रधान, शिक्षामंत्री भारत सरकार मुख्य अतिथि रहे। इग्नू क्षेत्रीय केन्द्र जयपुर में सम्पन्न हुए दीक्षान्त समारोह कार्यक्रम में विशिष्ठ अतिथि हरिभाऊ बागडे, राज्यपाल, राजस्थान रहे।
इग्नू क्षेत्रीय केन्द्र जयपुर की वरिष्ठ क्षेत्रीय निदेशक डॉ. ममता भाटिया ने इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि हरिभाऊ बागडे, राज्यपाल, राजस्थान का स्वागत किया तथा अपने स्वागत अभिभाषण के दौरान इग्नू क्षेत्रीय केन्द्र की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए इग्नू की मुख्य उपलब्धियों का उल्लेख किया और बताया कि क्षेत्रीय केन्द्र जयपुर यह विश्वविद्यालय जन-जन तक उच्च शिक्षा पहुँचाने के लिये सतत् प्रयासरत है। इग्नू का मुख्य उदेश्य गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा को घर-घर पहुँचाने के साथ-साथ जो विद्यार्थी किन्ही अभावों के कारण अपनी शिक्षा को बीच में छोड़ देते है, उन्हें भी उच्च शिक्षा से जोड़ना है। उन्होंने यह भी कहा कि आज इग्नू का प्रत्येक छात्र इग्नू के राजदूत की भूमिका निभाता रहे।
इग्नू क्षेत्रीय केन्द्र जयपुर में दीक्षांत समारोह में विशिष्ट अतिथि हरिभाऊ बागडे,राज्यपाल, राजस्थान के कर कमलों द्वारा इग्नू 38वें दीक्षांत समारोह में क्षेत्रीय केन्द्र जयपुर के गोल्ड प्राप्त करने वाले पाँच विद्यार्थियों में से कल्पना वैष्णव बी.एड और सुनील थोरी को एम.एल.आई.एस कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त करने के लिए स्वर्ण पदक से अंलकृत किया गया। इस 38वें दीक्षांत समारोह में कुल 313770 विद्यार्थियों को उपाधियाँ प्रदान की गई, उनमें से क्षेत्रीय केन्द्र जयपुर के 6500 विद्यार्थियों को विभिन्न कार्यक्रमों में उपाधियां दी गई।
राज्यपाल द्वारा अपने आर्शीवचन प्रदान करते हुए अपने संबोधन में कहा कि विद्यार्थियों को अपनी बौद्धिक क्षमता को बढ़ाना चाहिए उसके लिए उन्हें निर्धारित पाठ्यपुस्तकों के अतिरिक्त ज्ञान का भी अर्जन करना चाहिए। उन्होंने अपने उद्बोधन में नालंदा विश्वविद्यालय का जिक्र करते हुए कहा कि नालंदा विश्वविद्यालय शीघ्र ही अपने ज्ञान की पुरातन स्थिति में उभरकर आयेगा और भारत विश्व स्तर पर आर्थिक तकनीकी और शिक्षा के क्षेत्र में अपना स्थान कायम करेगा। उन्होंने अपने व्याख्यान में राजस्थान के शुरवीरों का जिक्र करते हुए कहा कि राजस्थान शूरवीरों की भूमि है, जिसके कारण ही भारत को विदेशी आक्रमणों से समय-समय पर सुरक्षित रखने में अपनी भूमिका निभाई। इस सुवसर पर मैं बेटियों को तहे दिल से आशीष एवं शुभकामनाएं देता हूं | वैसे आज के वर्तमान परिवेश में ऐसा कोई क्षेत्र नहीं जहाँ बेटियाँ कमाल नहीं कर रही, चाहे वो खेलकूद हो या शिक्षा का क्षेत्र।
उन्होंने इस सुअवसर पर अपने संबोधन में यह भी कहा कि शिक्षा के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय का एक महत्वपूर्ण योगदान है। क्षेत्रीय केन्द्र जयपुर भी उसी तर्ज पर राजस्थान राज्य में दूर-दराज के स्थानों में, गांव एवं ढाणियों में विद्यार्थियों तक शिक्षा पहुँचा रहा है। अपने उद्बोधन में यह भी कहा कि शिक्षा की ज्योति से अज्ञान रूपी अंधकार में ज्ञान रूपी प्रकाश फैलता है। यह न केवल ज्ञानार्जन का साधन है, बल्कि यह समाज में न्याय, समानता, और विश्वसम्मतता को प्राप्त करने का माध्यम भी है। उन्होंने कहा कि आपको प्रदान की जाने वाली डिग्रीयां, सिर्फ डिग्री या सर्टिफिकेट नहीं है, ये आगामी वर्षों में विकसित भारत के विकास की बागडोर है।
डॉ.पवन कुमार, सहायक कुलसचिव द्वारा इस कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि व पधारे हुए सभी विद्यार्थियों, अधिकारी व कर्मचारियों को धन्यवाद ज्ञापित किया। इस दीक्षान्त समारोह कार्यक्रम का संचालन डॉ. इन्दू रवि, उपनिदेशक द्वारा किया गया। इस कार्यक्रम में डॉ. राममूर्ति मीना, सहायक क्षेत्रीय निदेशक, डॉ. शेरसिंह, सहायक क्षेत्रीय निदेशक तथा इग्नू क्षेत्रीय एवं अध्ययन केन्द्रों का स्टॉफ भी उपस्थित रहा।
किसी भी कार्यक्रम को लाइव दिखाने के लिए संपर्क करें - 9214996258,7014468512.







.jpeg)