जीवन अनमोल है , इसे आत्महत्या कर नष्ट नहीं करें !
सुबह की शुरुआत माता-पिता के चरण स्पर्श से करें !
संस्कार सृजन @ राम गोपाल सैनी
जयपुर (संस्कार सृजन) शिक्षक की विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में अहम भूमिका है | ईमानदारी से विद्यार्थियों को आगे बढ़ाने की जरूरत है |व्यक्तित्व मनोविज्ञान में प्रमुख दृष्टिकोण यह दर्शाता है कि व्यक्तित्व जल्दी उभरता है और जीवन भर विकसित होता रहता है। मगर शिक्षक विद्यार्थियों में नींव भरने का कार्य करता है।
आज हमें शिक्षा के मंदिरों में शिक्षा देने में ईमानदारी की जरूरत है विद्यार्थियों के सुनहरे भविष्य के लिए शिक्षकों को ईमानदारी से कार्यपूर्ण करने की जरूरत है। विद्यार्थियों द्वारा कई नेगेटिव कदम उठाए जा रहे है जो की चिंताजनक है शिक्षकों को अपनी ड्यूटी समझनी होगी उन्हे विद्यार्थियों को हमेशा सकारात्मक रहने,जोश और उत्साह के साथ कार्य करने भावनाओं पर नियंत्रण रखने,स्वयं और दूसरों पर करुणा करने, प्रसंशा करने,प्रभावशाली संवाद करने, खतरों का सामना साहस से करने, जीवन में धीरज रखें रखने, दूसरों का सम्मान करने के लिए प्रेरित करना चाहिए।फील्ड खेलों से जुड़ने की जरूरत है। आजकल युवा मोबाइल खेल में ज्यादा रुचि देने लग गया है जिससे व भटकाव की तरफ बढ़ रहा है | आज के युवा को ग्राउंड पर समय बिताने की जरूरत है। जिससे उसके जीवन में मेहनत करने का जज्बा बना रहें। इसकी के साथ विद्यार्थी साहस रखें आगे बढ़े।
लेखक : डॉ.प्रीति शर्मा (पीएचडी,पोस्ट डॉक्टरेट बीएचयू बनारस)
- स्पोर्ट्स सेक्रेटरी स्पोर्ट्स बोर्ड, राजस्थान विश्वविद्यालय,जयपुर
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