गर्मी में कटेंगी अंधेरी रातें? बढ़ती डिमांड के बीच गहराया बिजली संकट

जीवन अनमोल है इसे आत्महत्या कर नष्ट नहीं करें !

सुबह की शुरुआत माता-पिता के चरण स्पर्श से करें !

संस्कार सृजन राम गोपाल सैनी

नई दिल्ली (संस्कार सृजन) देश इस गर्मी और आने वाले सालों में रात के समय बिजली कटौती को लेकर हाई रिस्क पर है। कोयला आधारित और जल विद्युत क्षमता को बढ़ाने में हो रही देरी इसकी मुख्य वजह है। सौर ऊर्जा उपलब्धता भी इतने बड़े पैमाने पर नहीं हो पाई है। ऐसे में बिजली की जरूरतों को पूरा करने में मुश्किलें पेश आ सकती हैं। हालांकि, सोलर फार्म्स में तेजी से बढ़ोतरी देखी गई है जो कि दिन के वक्त सप्लाई गैप को पूरा कर सकती है। इसके बावजूद, कोयले से चलने वाले और जलविद्युत आधारित संयंत्रों की क्षमता में गिरावट चिंता की बात है। रॉयटर्स के मुताबिक, सरकारी डेटा और आंतरिक दस्तावेजों से पता चलता है कि रात में लाखों लोगों को बड़े पैमाने पर आउटेज का सामना करना पड़ सकता है।

'नॉन-सोलर हॉवर्स' में इस साल अप्रैल में पावर की उपलब्धता उच्च मांग वाले दिनों में 1.7 फीसदी तक कम रह सकती है। फेडरल ग्रिड रेगुलेटर की ओर से आंतरिक नोट को रिव्यू करने पर यह जानकारी मिली है। अप्रैल में रात के वक्त 217 गीगावाट बिजली की जरूरत पड़ सकती है जो कि पिछले साल के मुकाबले 6.4 फीसदी ज्यादा है। ग्रिड कंट्रोलर ऑफ इंडिया लिमिटेड की ओर से यह आंकड़ा पेश किया गया है। इसे लेकर ग्रिड-इंडिया का कहना है कि यह स्थिति वाकई में चिंताजनक है।

बढ़ती गर्मी के साथ बढ़ेगी बिजली की मांग भारत में इस साल जिस तरह की भीषण गर्मी पड़ने वाली है उसका सामना करने के लिए लोगों के एयर कंडिशनर को ज्यादा पावर की जरूररत पड़ेगी। रात के समय में बिजली में कटौती होने पर उद्योगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है जहां तकरीबन 24 घंटे काम चलता रहता है। इससे ऑटो, इलेक्ट्रॉनिक्स, स्टील बार और फर्टिलाइजर मैन्युफैक्चरिंग प्लांट भी प्रभावित होंगे। भारतीय कागज उद्योग निकाय के पूर्व प्रमुख पी.जी. मुकुंदन नायर करीब तीन दशक से कागज निर्माण में सक्रिय हैं। उन्होंने कहा, 'अगर एक मिनट के लिए भी बिजली कट जाती है, तो पेपर पल्प में रुकावट आ जाती है। इससे पूरी प्रक्रिया गड़बड़ा जाती है और सैकड़ों-हजारों रुपये का नुकसान होता है।'

आने वाले तीन महीनों में भीषण गर्मी का अनुमानइस गर्मी में बिजली की कमी उम्मीद से भी बदतर हो सकती है। दरअसल, ग्रिड-इंडिया की ओर से इसे लेकर जो पूर्वानुमान सामने रखा गया वो भारतीय मौसम विभाग की ओर से मार्च-मई गर्मी की भविष्यवाणी के हफ्तों पहले आया था। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले तीन महीने आफतभरे होने वाले हैं। ताजा अलर्ट जारी करते हुए विभाग ने बताया कि मार्च से मई के मौसम के दौरान मध्य और आसपास के उत्तर पश्चिम भारत के कई इलाकों में हीटवेव अधिक होने की संभावना है। मध्य भारत में मार्च महीने में हीटवेव की घटना कुछ कम होगी। हालांकि, उसके बाद यह बढ़ेगी।

बहुत जरूरी सूचना :- रात को दुर्घटना से बचने के लिए अपनी गाड़ी को लो बीम में चलाएँ !

हम सभी किसी ना किसी रूप में जरूरतमंदों की सेवा कर सकते हैं | पड़ोसी भूखा नहीं सोए इसका ध्यान रखें |

" संस्कार सृजन " कोरोना योद्धाओं को दिल से धन्यवाद देता है |

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