प्रदेश में मिलावटखोरों के खिलाफ प्रदेश सरकार की कार्रवाई सराहनीय:झाझडिया

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संस्कार सृजन राम गोपाल सैनी

चौमूं / जयपुर (संस्कार सृजन) दीपावली और भैया दूज त्योहारी सीजन के साथ-साथ हमेशा ही सामान्यतः बाजार में उपलब्ध खाद्य पदार्थों में मिलावट का संशय बना रहता है। दूध, मसाले, घी से लेकर सब्जी व फल तक कोई भी खाद्य पदार्थ मिलावट से अछूता नहीं है। आज मिलावट का सबसे अधिक कुप्रभाव हमारी रोजमर्रा के जीवन में प्रयोग होने वाली जरूरत की वस्तुओं पर ही पड़ रहा है। शरीर के पोषण के लिए हमें खाद्य पदार्थों की प्रतिदिन आवश्यकता होती है। शरीर को स्वस्थ रखने हेतु प्रोटीन, वसा, कार्बोहाइड्रेट, विटामिन तथा खनिज लवण आदि की पर्याप्त मात्रा को आहार में शामिल करना आवश्यक है तथा ये सभी पोषक तत्व संतुलित आहार से ही प्राप्त किये जा सकते हैं। 

कालू राम झाझडिया

यह तभी संभव है, जब बाजार में मिलने वाली खाद्य सामग्री, दालें, अनाज, दुग्ध उत्पाद, मसाले, तेल, पनीर, घी,मिठाई, इत्यादि मिलावटरहित हों। खाद्य अपमिश्रण से उत्पाद की गुणवत्ता काफी कम हो जाती है। खाद्य पदार्थों में सस्ते रंजक इत्यादि की। मिलावट करने से उत्पाद तो आकर्षक दिखने लगता है, परंतु पोषकता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है, जिससे ये स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होते हैं।

सामान्य रूप से किसी खाद्य पदार्थ में कोई बाहरी तत्व मिला दिया जाए या उसमें से कोई मूल्यवान पोषक तत्व निकाल लिया जाए या भोज्य पदार्थ को अनुचित ढंग से संग्रहीत किया जाए तो उसकी गुणवत्ता में कमी आ जाती है। इसलिए उस खाद्य सामग्री या भोज्य पदार्थ को मिलावटयुक्त कहा जाएगा। भारत सरकार द्वारा खाद्य सामग्री की मिलावट की रोकथाम तथा उपभोक्ताओं को शुद्ध आहार उपलब्ध कराने के लिए सन् 1954 में खाद्य अपमिश्रण अधिनियम (पीएफए एक्ट 1954) लागू किया गया। उपभोक्ताओं के लिए शुद्ध खाद्य पदार्थों की आपूर्ति सुनिश्चित करना स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की जिम्मेदारी है। इसको ध्यान में रखते हुए उपरोक्त खाद्य अपमिश्रण  रोकथाम अधिनियम बनाया गया, जिसके मुख्य उद्देश्य है: जहरीले एवं हानिकारक खाद्य पदार्थों से जनता की रक्षा करना, घटिया खाद्य पदार्थों की बिक्री की रोकथाम |

अमरपुरा आदर्श ग्राम विकास सेवा समिति अध्यक्ष कालूराम झाझडिया ने बताया कि धोखाधड़ी प्रथा को नष्ट करके उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना सरकार का दायित्व बनता है | मिलावटखोरों के खिलाफ आमजन को जागरूक होकर तुरंत राजस्थान संपर्क पोर्टल 181 नंबर पर सूचना दे और प्रदेश सरकार ने मिलावटखोरों के खिलाफ सूचना देने पर 51 हजार रुपए इनाम देने की घोषणा की है | सरकार का यह कदम सराहनीय है, काफी हद तक मिलावट खोरी पर अंकुश लगेगा | (यह लेखक के अपने विचार हैं)

हम सभी किसी ना किसी रूप में जरूरतमंदों की सेवा कर सकते हैं | पड़ोसी भूखा नहीं सोए इसका ध्यान रखें |

" संस्कार सृजन " कोरोना योद्धाओं को दिल से धन्यवाद देता है |

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