विश्व कैंसर रोज दिवस आज:कैंसर का जेनेटिक खतरा बेहद खतरनाक

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संस्कार सृजन राम गोपाल सैनी

जयपुर (संस्कार सृजन) किसी को जीने की आशा देना जीवन का सबसे बड़ा हिस्सा हो सकता है। इसलिए हर वर्ष 22 सितंबर को विश्व कैंसर रोज दिवस कैंसर रोगियों के लिए आशा की किरण है, जो लोग कैंसर से संघर्ष चुनते हैं। राजीव गांधी सामान्य अस्पताल के कैंसर रोग विशेषज्ञ डाॅ. राकेश गाेचर बताते हैं कि शारीरिक प्रभावों के अलावा, कैंसर तनाव, मनोवैज्ञानिक प्रभाव और पीड़ा का कारण बनता है।

बीमारी से लड़ना भावनात्मक रूप से थकाऊ हो सकता है, लेकिन पीड़ितों को कठिन समय से गुजरने के लिए बहादुरी और सकारात्मक साेच की जरूरत हाेती है। सामान्य अस्पताल में 5 साल में 664 कैंसर राेगियाें के कीमाेथैरेपी के लिए रजिस्ट्रेशन हाे चुके हैं ओर 6 महीने में करीब 30 राेगियाें ने रजिस्ट्रेशन कराए हैं।

अस्पताल के कमरा नंबर 11 में संचालित कैंसर ओपीडी में भी 12 से 15 मरीज राेजाना पहुंच रहे हैं। कैंसर राेगियाें के लिए अस्पताल में कीमाेथैरेपी की सुविधा उपलब्ध है। डाॅ. गाेचर बताते हैं कि यह दिन पूरी दुनिया में उसी बहादुरी का सम्मान करने और भयानक कैंसर रोग से पीड़ित लोगों को आशा की नई किरण के रूप में मनाया जाता है।

इसका मुख्य उद्देश्य कैंसर की प्रारंभिक अवस्था में पहचान और राेकथाम काे बढ़ावा देना है। कैंसर मुख्य रूप से तंबाकू चबाने, सिगरेट पीने से हाे सकता है। इनसे मुंह, फेंफडाें, पैंक्रियाटिक व एलिमेंटरी ट्रैक्ट कैंसर हाे सकता है। लेकिन कैंसर का जेनेटिक खतरा बेहद खतरनाक हाेता है।

कैंसर के लक्षण :-

अचानक वजन कम होना, अधिक थकान महसूस हाेना, त्वचा में गांठ नजर आना, त्वचा का रंग पीला, काला व लाल हाेना, तेज दर्द हड्डी या वृषण कैंसर के शुरूआती लक्षण हैं, कब्ज, दस्त, मल में खून आना कोलोरेक्टल कैंसर के संकेत, यूरिन में खून ब्लैडर व प्राेस्टेट कैंसर के संकेत, एनीमिया हाेने पर हेमटोलॉजिकल कैंसर के लक्षण।

इसलिए मनाया जाता है कैंसर राेज दिवस :-
डॉ. गोचर बताते हैं कि कैंसर राेज दिवस 12 वर्षीय कनाडाई लड़की मेलिंडा रोज की याद में मनाया जाता है, जिसे अस्किन्स ट्यूमर यानी उसकाे असामान्य प्रकार का रक्त कैंसर का पता चला था। रोज़ के छोटे से अस्तित्व ने कई लोगों के जीवन को छुआ। उसने अंतिम सांस तक बचने की उम्मीद नहीं छोड़ी।

उसने छह महीने अपने आसपास के लोगों के जीवन को सकारात्मक रूप से प्रभावित करके संघर्ष किया और प्रत्येक दिन की गणना की। वह अपनी पूरी यात्रा के दौरान अस्पताल में भर्ती रही, लेकिन सकारात्मक साेच और बहादुरी उसके जीवन का मिशन यही बन गया है।

इमरजेंसी नंबर :- पुलिस कंट्रोल रूम- 100, चौमूं थाना - 01423-221009, डीसीपी पूर्व- 0141-2203400, एसीपी चौमूं -01423-221456, गोविंदगढ़ थाना-01423-230023, डीएसपी गोविंदगढ़-01423-230905, जयपुर ग्रामीण एसपी-0141-2206869, एंबुलेंस-108, सीएचसी चौमूं -01423-221424, सीएचसी गोविंदगढ़ - 01423-230077, सीएचसी सामोद-01423-240105, बिजली हेल्पलाइन-6376917467, एक्स ईएन चौमूं-01423-220069, एईएन प्रथम-01423-220006, एईएन द्वितीय-01423-220013, निगम सामोद-01423-240004

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