ओबीसी आरक्षण संघर्ष समिति ने 30 सितंबर तक का दिया सरकार को अल्टीमेटम

गौ माता को लम्पी वायरस से बचाएँ!

जीवन अनमोल है इसे आत्महत्या कर नष्ट नहीं करें !

सुबह की शुरुआत माता-पिता के चरण स्पर्श से करें !

संस्कार सृजन राम गोपाल सैनी

राजसमन्द (संस्कार सृजन) राजस्थान प्रदेश में 17 अप्रैल 2018 को तब की भाजपा सरकार द्वारा ज़ारी तुगलकी फरमान/आदेश से सरकारी भर्तियों में आरक्षण नियमों में गुपचुप बदलाव कर दिया गया, जिसके कारण विषेशकर ओबीसी वर्ग के युवाओं को नवीन सरकारी नौकरियों में हो रहे नुकसान के खिलाफ, ओबीसी आरक्षण संघर्ष समिति के बैनर तले विगत 6 माह से "जन जागरण अभियान" चलाया जा रहा है, जिसकी लपट अब उग्र होकर संपूर्ण प्रदेश में फैलकर आन्दोलन का रुप ले चुकी है । सरकारी भर्तियों में ओबीसी आरक्षण की विसंगतियों को दूर करने की मांग को लेकर संपूर्ण प्रदेश भर के समस्त उपखंड मुख्यालयों, जिला मुख्यालयों पर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन, विरोध प्रदर्शन व रैलियां आयोजित की जाने के बाबजूद भी सरकार द्वारा नियमों में संशोधन नहीं किए जाने के विरोध में 30 सितंबर 2022 को राजस्थान विश्वविद्यालय जयपुर के सामने अनिश्चितकालीन धरना, प्रदर्शन एवं महापड़ाव की घोषणा की गई है, जिसमें प्रदेशभर से लाखों की संख्या में ओबीसी वर्ग से जुड़े हुए युवा बेरोजगार एकत्र होने का दावा किया जा रहा है ।

प्रदेश का ओबीसी वर्ग अपने अधिकारों के लिए हुआ लामबंद :-

वर्ष 2018 में बीजेपी सरकार के कार्यकाल में ओबीसी सहित अन्य कैटेगरी के आरक्षण में भूतपूर्व सैनिकों के आरक्षण कोटे को खत्म कर, मूल भर्ती के कुल पदों में से भूतपूर्व सैनिकों का 12.5 प्रतिशत कोटा तय किया गया है, इससे कुल पदों में ओबीसी की आबादी ज्यादा होने से, भूतपूर्व सैनिकों का चयन होता है । इसके बाद सरकार इन भूतपूर्व सैनिकों को आरक्षण वर्गों की कैटेगरी में से कटौती करती है, इससे ओबीसी के 21% आरक्षण कोटे के अधिकांश पदों पर भूतपूर्व सैनिकों का ही चयन हो जाता है और मूल वर्ग के युवाओं को मौका नहीं मिल पाता, जिससे ओबीसी वर्ग के बेरोजगार युवाओं में हताशा व निराशा का भाव है ।इसी के चलते ओबीसी युवा वर्ग लामबंद होकर, अब सड़कों से लेकर विधानसभा तक संघर्ष का बिगुल फूंक चुका है ।

भूतपूर्व सैनिकों के लिए पृथक से आरक्षण कोटा निर्धारित करने की मांग :-

प्रदेश में ओबीसी आरक्षण के 21% हिस्से में पूर्व सैनिकों को शामिल करने के राज्य सरकार के आदेश से ओबीसी आरक्षण नियम में हुए फेरबदल के कारण विसंगति उत्पन्न हुई है और इस विसंगति के कारण ही ओबीसी वर्ग के युवा बेरोजगारों को सरकारी नौकरियों में अवसर बेहद कम हुए हैं । प्रदेश का ओबीसी वर्ग का बेरोजगार युवा कार्मिक विभाग द्वारा 17 अप्रैल 2018 को दिए गए आदेश को तुरंत वापस लेने, उसमें संशोधन कर पहले के समान आरक्षण की व्यवस्था पुनः लागू करने तथा पूर्व सैनिकों के लिए प्रथक से आरक्षण कोटा निर्धारित किए जाने की मांग कर रहा है ।

ओबीसी वर्ग के नेताओं ने भी खोला मोर्चा :-

सरकारी नौकरियों में ओबीसी वर्ग के लिए निर्धारित आरक्षण के नियमों में गुपचुप बदलाव से ओबीसी वर्ग को हो रहे नुकसान को लेकर पूर्व मंत्री हरीश चौधरी ने संपूर्ण प्रदेश में युवाओं को आगे लाकर "जन जागरण अभियान" शुरू किया । इस अभियान के तहत प्रदेश भर के सभी स्थानों पर छोटी-छोटी सभाए कर लोगों को नौकरियों में होने वाले नुकसान से अवगत करवाया और इस विसंगति को सोशल मीडिया के जरिए गति दी गई । इस मुहिम में वरिष्ठ मंत्री, विधायकों, नेताओं, विश्वविद्यालय से जुड़े छात्र नेताओं ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर, नियमों में बदलाव की मांग की । लेकिन, कोई समाधान नहीं निकलने पर प्रदेश के युवा वर्ग ने 30 सितंबर 2022 को राजस्थान विश्वविद्यालय जयपुर से विधानसभा तक में लाखों युवा बेरोजगारों के साथ अनिश्चितकालीन महापड़ाव, धरना व रैली का आह्वान किया है ।

संघर्ष समिति ने सरकार को उपलब्ध करवाए विसंगतियों से जुड़े तथ्यात्मक डाटा :-

ओबीसी आरक्षण संघर्ष समिति से जुड़े डॉ रामसिंह सामोता पूर्व शोध छात्रसंघ अध्यक्ष, राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर ने अपने प्रतिनिधिमंडल के माध्यम से राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा सहित सरकार के हर जिम्मेदार व्यक्ति को व्यक्तिगत, पैंपलेट्स व सोशल मीडिया के माध्यम से ओबीसी आरक्षण में विसंगति और उनसे होने वाले नुकसान के तथ्यात्मक डाटा उपलब्ध करवाएं, जिसे जिम्मेदारों ने विधानसभा सदन के पटल पर रखने का आश्वासन दिया और बीजेपी सरकार के इस काले कारनामे की वजह से कांग्रेस सरकार पर पडने वाले दुष्प्रभाव से बचने के लिए, इसे पुनः बहाल करने हेतु सदन में मुद्दा बनाने की बात कही । ताकि वर्तमान सरकार के खिलाफ बन रहे नकारात्मक माहौल को रोका जा सके ।

जनप्रतिनिधि एवं सामाजिक संगठन भी आरक्षण की विसंगतियों को दूर करने के पक्षधर :-

ओबीसी आरक्षण में विसंगतियों को दूर करने के लिए किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष राजाराम मील, पूर्व मंत्री हरीश चौधरी, विधायक बलजीत यादव, डॉ जस्सा राम चौधरी, महेंद्र चौधरी, डॉ राम सिंह सामोता, राजस्थान विश्वविद्यालय के वर्तमान अध्यक्ष निर्मल चौधरी, मुकेश भाकर,  मनीष यादव, भगवान सहाय सैनी, डॉ हनुमान बराला, छुट्टन यादव, बेरोजगार एकीकृत महासंघ के अध्यक्ष उपेन यादव, युवा संस्थान के प्रदेश अध्यक्ष कैलाश सामोता, किसान नेता हरिनारायण घटाला, सहायक प्रोफेसर सी बी यादव, पुष्कर सिंह, सहित विभिन्न सामाजिक संगठनो से जुडे कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधी तथा गैर सरकारी संगठन ओबीसी वर्ग के बेरोजगारों के वाजिब हक व अधिकार पर अतिक्रमण का करने वाले इस गलत आदेश का पुरजोर विरोध करने के लिए लामबंद होकर, अपनी आवाज को एक स्वर में बुलंद कर रहे हैं । 

इनका कहना है : -

प्रदेश में सरकारी भर्तियों को लेकर कार्मिक विभाग की ओर से जारी 17 अप्रैल 2018 के त्रुटिपूर्ण आदेश, जिसमें कि पूर्व सैनिकों को शामिल किया जा रहा है, से ओबीसी वर्ग के अभ्यर्थियों को भारी नुकसान हो रहा है । अतः इसमें अविलंब संशोधन करते हुए भूतपूर्व सैनिकों के लिए प्रथक से कोटा निर्धारित कर, ओबीसी आरक्षण से जुड़ी विसंगतियों को दूर कर बेरोजगारों को राहत प्रदान की जानी चाहिए ।

कैलाश सामोता, रानीपुरा शिक्षाविद, आमेट, राजसमंद

राजस्थान में ओबीसी आरक्षण के 21% में पूर्व सैनिकों को शामिल करने से ओबीसी वर्ग के युवाओं को भारी नुकसान हो रहा है । इस हेतु पिछले 6 माह से संपूर्ण प्रदेश में जन जागृति अभियान, धरना, प्रदर्शन एवं अपनों के माध्यम से सरकार का ध्यानाकर्षण किया लेकिन, कोई सार्थक परिणाम नजर नहीं आए । जिसके चलते अब प्रदेश की राजधानी जयपुर में 30 सितंबर 2022 को संपूर्ण प्रदेश के लाखों युवा बेरोजगार महापड़ाव व धरना प्रदर्शन की राह अपनाने को मजबूर हो रहे हैं । इसलिए समय रहते सरकार को ओबीसी आरक्षण विसंगतियों को दूर करना चाहिए । 

डॉ. रामसिंह सिंगोद, पूर्व शोध छात्रसंघ अध्यक्ष राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर

हम सभी किसी ना किसी रूप में जरूरतमंदों की सेवा कर सकते हैं | पड़ोसी भूखा नहीं सोए इसका ध्यान रखें |

" संस्कार सृजन " गौ रक्षकों को दिल से धन्यवाद देता है |

विडियो देखने के लिए -https://www.youtube.com/channel/UCDNuBdPbTqYEOA-jHQPqY0Q 

अपने आसपास की खबरों , लेखों और विज्ञापन के लिए संपर्क करें - 9214996258, 7014468512,9929701157.

इमरजेंसी नंबर :- पुलिस कंट्रोल रूम- 100, चौमूं थाना - 01423-221009, डीसीपी पूर्व- 0141-2203400, एसीपी चौमूं -01423-221456, गोविंदगढ़ थाना-01423-230023, डीएसपी गोविंदगढ़-01423-230905, जयपुर ग्रामीण एसपी-0141-2206869, एंबुलेंस-108, सीएचसी चौमूं -01423-221424, सीएचसी गोविंदगढ़ - 01423-230077, सीएचसी सामोद-01423-240105, बिजली हेल्पलाइन-6376917467, एक्स ईएन चौमूं-01423-220069, एईएन प्रथम-01423-220006, एईएन द्वितीय-01423-220013, निगम सामोद-01423-240004

Post a Comment

0 Comments