भ्रष्टाचार का आलम इतना कि सत्तापक्ष के विधायक ही उठा रहे हैं सरकार पर सवाल - रामलाल शर्मा

जीवन अनमोल है , इसे आत्महत्या कर नष्ट नहीं करें !

मास्क लगाकर रहें ! सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखें !

संस्कार न्यूज़ @ राम गोपाल सैनी 

चौमूं (संस्कार न्यूज़) भारतीय जनता पार्टी प्रदेश मुख्य प्रवक्ता एवं विधायक रामलाल शर्मा ने विधानसभा में अनुदान की मांग संख्या 16 पुलिस एवं मांग संख्या 17 कारागार पर विचार एवं मतदान पर बोलते हुए पुलिस एवं कारागार पर बिगड़ती कानून व्यवस्थाओं की ओर सरकार का ध्यान दिलवाया। 

विधायक शर्मा ने एसीबी की तारीफ करते हुए कहा कि एसीबी द्वारा बेहतरीन कार्य करते हुए भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारियों की पोल खोलने का काम किया है। उन्होंने सरकार की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि प्रदेश में कितना भ्रष्टाचार फैल रहा है, इसका प्रमाण पत्र हमें देने की आवश्यकता नहीं है, यह प्रमाण पत्र तो सत्ता पक्ष के विधायक ही सरकार को दे रहे हैं। परिवहन विभाग के अंदर आज इतना भ्रष्टाचार फैल चुका है जिसकी कोई सीमा नहीं है। सड़कों पर खड़े परिवहन विभाग के इंस्पेक्टर, डीटीओ और आरटीओ एक टोल से दूसरे टोल तक बिना सेवा शुल्क लिए गाड़ी पार नहीं होने देते हैं और इनके अधिकारी गाड़ियों को चिन्हित कर उनसे मोटी वसूली का काम करते हैं। इसके अलावा ट्रांसपोर्ट यूनियन से समझौता होने के बाद उनकी गाड़ियों को बिना चेक किए अधिकारियों की मिलीभगत से बिना रोकटोक आने जाने दिया जा रहा है। 

उन्होंने पुलिस विभाग की तारीफ करते हुए कहा कि कोरोना काल में इन्होंने बहुत ही सराहनीय कार्य किया और महामारी के दौरान अपनी जान जोखिम में डालकर जनता की सेवा का काम किया। साथ ही उन्होंने पुलिस के पास मूलभूत सुविधाओं की पूर्ति की मांग भी उठाई। प्रदेश के अंदर साइबर क्राइम जिस तरीके से बढा है उस पर लगाम लगाने की अत्यंत आवश्यकता है। सरकार द्वारा पुलिस थानों में स्वागत कक्ष तो बनवा लिये, परंतु क्या सरकार उन स्वागत कक्षाओं में कंप्यूटर आदि व्यवस्था करने पर भी विचार रखती है? और सरकार साइबर क्राइम को रोकने के लिए पुलिस भर्ती कर प्रत्येक सीओ सर्किल के अंदर एक आईटी एक्सपर्ट की नियुक्ति करना सुनिश्चित करें। राजस्थान के अंदर अनेकों लोग मिलावटखोरी के अंदर लिफ्ट है और लोगों के जीवन के साथ खिलवाड़ करने का काम कर रहे हैं। सरकार मिलावटखोरी के खिलाफ जल्द से जल्द एक्शन प्लान तैयार करें और पूरे जिले के अंदर लेबोरेटरी की स्थापना करें। सरकार मिलावटखोरों के अंदर भय पैदा करने के लिए इसी बजट सत्र के अंदर कठोर कानून लेकर आये। आज घरेलू झगड़े से लेकर नाली के झगड़े को निपटाने में पुलिस की सहायता ली जा रही है। पुलिस पर इतना कार्यभार होने के उपरांत भी नई भर्तियां सरकार नहीं करती है ताकि पुलिस विभाग में कार्य का बंटवारा हो सके। 

साथ ही विधायक रामलाल शर्मा ने सेलून, हुक्काबार और मादक पदार्थों की तस्करी की बात करते हुए कहा कि आज इस क्षेत्र में कानून व्यवस्था पूर्ण रूप से चरमरा गई है। सरकार आने वाली पीढ़ी को बचाने के लिए सैलून, हुक्काबार, मादक पदार्थों के सेवन पर एक विशेष सेल गठित कर लगाम लगाने का प्रयास करें। सरकार द्वारा शराब नीति में परिवर्तन कर ऑप्शन और नीलामी के आधार पर शराब की दुकानें आवंटित करने का काम सरकार कर रही है। इससे आने वाले समय में अपराधों में वृद्धि होगी। मैं चाहूंगा कि सरकार पुरानी शराब नीति पर ही काम करें ताकि शराब की दुकान की आस लगाए बेरोजगारों को भी मौका मिल सके। उन्होंने मानव तस्करी की बात करते हुए कहा कि आज आदिवासी इलाकों में जिस तरीके से मानव तस्करी हो रही है वह हम सबके लिए चिंता का विषय है। आज कई वर्षों से कई थानों में गुमशुदगिया दर्ज है और मेरे विधानसभा क्षेत्र में 2010 में जोया और 2013 में भगवती देवी की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज हुई, जिनका आज दिन तक कोई पता नही है। सरकार पुलिस विभाग के हाथ-पैर बांधकर काम करवाने की मंशा रखती है। बजरी माफियाओं पर लगाम लगाने के लिए सरकार पुलिस को स्वतंत्र करें ताकि जहां कहीं भी अनैतिक कार्य हो रहा हो उस पर लगाम लगाई जा सके। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश के अंदर जेलों की स्थिति बहुत दयनीय है, जो सुविधा बाहर नहीं मिलती, वो सुविधा आज जेलों के अंदर मिलती है। सरकार प्रदेश की जेलों के अंदर सीसीटीवी कैमरे और जैमर लगाने का काम करें और पुलिस का वेतन 2400 ग्रेड पे से बढ़ाकर 3600 ग्रेड पे करने पर सरकार विचार करें।


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