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संस्कार सृजन @ राम गोपाल सैनी 

जयपुर (संस्कार सृजन) यूनिवर्सिटी ऑफ इंजीनियरिंग एंड मैनेजमेंट (UEM), जयपुर द्वारा तीसरे 'इंटरनेशनल इंडस्ट्री इंस्टीट्यूशन मीट (IIIM) सिनर्जी समिट 2026' का भव्य आयोजन किया गया। समिट में सरकार, उद्योग, शिक्षा, बैंकिंग, रक्षा, तकनीक, चिकित्सा एवं कानून सहित विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिष्ठित विशेषज्ञों और प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य डिजिटल परिवर्तन, जिम्मेदार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोजगार क्षमता, मानवीय मूल्यों और संगठनात्मक गुणवत्ता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श करना था।

कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगीत, दीप प्रज्वलन एवं गणेश वंदना के साथ हुई। IEM-UEM ग्रुप की चांसलर प्रो. बनानी चक्रवर्ती और ग्रुप निदेशक प्रो. डॉ. सत्यजीत चक्रवर्ती ने ऑनलाइन संबोधन में नवाचार, उभरती तकनीकों और उद्योग-अकादमिक सहयोग के महत्व पर प्रकाश डाला। UEM जयपुर के कुलपति प्रो. डॉ. विश्वजॉय चटर्जी ने अतिथियों का स्वागत करते हुए AI के जिम्मेदार उपयोग और तकनीकी विकास के साथ मानवीय जिम्मेदारी बनाए रखने पर जोर दिया।

मुख्य अतिथि एस. आर. मीणा, संयुक्त सचिव एवं निदेशक, अर्थशास्त्र एवं सांख्यिकी निदेशालय, राजस्थान सरकार तथा OSD, आपदा प्रबंधन एवं राहत विभाग ने कौशल विकास और युवाओं की रोजगार क्षमता पर अपने विचार रखे। उन्होंने छात्रों को उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप व्यावहारिक कौशल विकसित करने के साथ स्वरोजगार एवं उद्यमिता को भी करियर के महत्वपूर्ण विकल्प के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित किया।

पहली पैनल चर्चा का विषय था— "कैशलेस, कार्डलेस, बैंकलेस: क्या हम एक नए वित्तीय युग में प्रवेश कर रहे हैं?" वनस्थली विद्यापीठ के प्रो. डॉ. अनिल मेहता के संचालन में आयोजित इस सत्र में DRDO, वेल्थ मैनेजमेंट, ICAI, पंजाब नेशनल बैंक और JK टायर के विशेषज्ञों ने भाग लिया। चर्चा में डिजिटल भुगतान, AI आधारित बैंकिंग सेवाओं, साइबर सुरक्षा, वेल्थ मैनेजमेंट, उद्योग-अकादमिक सहयोग तथा भविष्य में बैंकिंग सेवाओं के बदलते स्वरूप पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

दूसरी पैनल चर्चा का विषय था— "एआई के युग में मानवीय बढ़त: मूल्य क्यों मायने रखते हैं और क्या कभी स्वचालित नहीं होना चाहिए।" प्रो. (डॉ.) बी.के. शर्मा, क्षेत्रीय समन्वयक, NWR-UHV, AICTE के संचालन में आयोजित इस सत्र में शिक्षा, सशस्त्र बलों, कानून, चिकित्सा, पुलिस एवं सार्वजनिक सेवा से जुड़े विशेषज्ञ शामिल हुए।

पैनल में प्रो. एच.डी. चरण, मेजर जनरल पी.एस. राठौड़, डॉ. रेनू शर्मा, राजेंद्र सिंह शेखावत, सूरजभान सिंह और डॉ. अलका स्वामी ने अपने विचार साझा किए। चर्चा में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि AI तकनीकी प्रगति का महत्वपूर्ण माध्यम है, लेकिन इसका उपयोग मानवीय संवेदनाओं, नैतिकता, विवेक और सामाजिक जिम्मेदारी के अनुरूप होना चाहिए। समिट के दूसरे सत्र में UEM जयपुर और क्वालिटी सर्कल फोरम ऑफ इंडिया (QCFI) के सहयोग से गुणवत्ता प्रबंधन, निरंतर सुधार और संगठनात्मक उत्कृष्टता पर विशेष चर्चा हुई।

इस अवसर पर सम्मानित अतिथि अविनाश मिश्रा, अध्यक्ष QCFI एवं गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड में भारत और सार्क के पूर्व HR/IR, TQM एवं सस्टेनेबिलिटी प्रमुख ने विकसित भारत की परिकल्पना पर विचार व्यक्त किए। उन्होंने डिजिटल परिवर्तन, भू-राजनीतिक चुनौतियों और जलवायु परिवर्तन के बीच नवाचार, अनुकूलनशीलता एवं सतत विकास की आवश्यकता बताई। दूसरे सम्मानित अतिथि पद्मश्री बी.एल. चौकसे, मध्य प्रदेश सरकार के BOC के बोर्ड सदस्य ने भारतीय परंपरा में गुणवत्ता के महत्व और संस्थागत विकास में निरंतर सुधार की भूमिका पर प्रकाश डाला।

समिट की प्रमुख पैनल चर्चा "Beyond Zero Defects: Redefining Quality for the Future" का संचालन अविनाश मिश्रा ने किया। इसमें महिंद्रा ट्रैक्टर्स, रिन्यू पावर, CESC राजस्थान, ISRO और QCFI सहित विभिन्न क्षेत्रों के वरिष्ठ विशेषज्ञों ने भाग लिया। चर्चा में पारंपरिक गुणवत्ता नियंत्रण से आगे बढ़कर निरंतर सुधार, ऑपरेशनल एक्सीलेंस, नवाचार, व्यवस्थित समस्या समाधान और संगठनात्मक दक्षता विकसित करने पर जोर दिया गया। विशेषज्ञों ने कहा कि गुणवत्ता केवल एक मानक नहीं, बल्कि सीखने, नवाचार और निरंतर सुधार की सतत प्रक्रिया है।

इस सत्र ने शिक्षा जगत और उद्योग के बीच सहयोग को मजबूत करने तथा भविष्य की औद्योगिक चुनौतियों के लिए सक्षम पेशेवर तैयार करने में QCFI और UEM जयपुर की साझा प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। IIIM सिनर्जी समिट की कोलैबोरेशन आर्किटेक्ट एवं UEM जयपुर में मैनेजमेंट की एसोसिएट डीन डॉ. प्रीति शर्मा ने कहा कि इस समिट का उद्देश्य उद्योग विशेषज्ञता, शैक्षणिक ज्ञान और नवाचार को एक मंच पर लाकर सार्थक सहयोग एवं टिकाऊ साझेदारियों को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन ज्ञान और व्यावहारिक अनुभव के बीच की दूरी को कम करने के साथ उद्योग, संस्थानों और समाज के लिए दीर्घकालिक मूल्य सृजित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। 

कार्यक्रम का समापन UEM जयपुर के रजिस्ट्रार प्रो. डॉ. प्रदीप कुमार शर्मा द्वारा धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ | तीसरे IIIM सिनर्जी समिट 2026 ने डिजिटल फाइनेंस, जिम्मेदार AI, मानवीय मूल्यों, कौशल विकास और गुणवत्ता प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर उद्योग एवं शिक्षा जगत के बीच संवाद और सहयोग का एक प्रभावशाली मंच प्रदान किया।

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