जीवन अनमोल है , इसे आत्महत्या कर नष्ट नहीं करें !
सुबह की शुरुआत माता-पिता के चरण स्पर्श से करें !
संस्कार सृजन @ राम गोपाल सैनी
चौमूं / जयपुर (संस्कार सृजन) सेठ आरएल सहरिया राजकीय पीजी महाविद्यालय, कालाडेरा के भारतीय ज्ञान परम्परा केंद्र के तत्वावधान में नव संवत्सर उत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के अध्यक्षीय उद्बोधन में महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफ़ेसर जय भारत सिंह ने महाविद्यालय परिवार के सभी सदस्यों को नव संवत्सर की शुभकामनाएँ प्रेषित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति की अगुआई में भारतीय ज्ञान व परम्पराओं के शैक्षिक संदर्भों को व्यवहारिक रूप से रेखांकित करना वर्तमान की महती आवश्यकता है।
इस अवसर पर भारतीय ज्ञान परम्परा केंद्र के संयोजक डाॅ. शक्ति सिंह शेखावत ने सभी संकाय सदस्यों व कर्माचारियों को तिलक लगाकर चैत्र शुक्ल प्रतिपदा की बधाई व मंगलकामनाए प्रदान की।
संदर्भ वार्ताकार के रूप में भारतीय ज्ञान परम्परा केंद्र के सदस्य डाॅ.जितेन्द्र कुमार लोढा ने भारतीय ज्ञान के सबल व आवश्यक पक्षों पर अपना वक्तव्य रखते हुए कहा कि भारत के सारे पर्व-उत्सव, गणना, ज्ञान-विज्ञान जीवन के सारे व्यवहारों को समेटते हुए चलते हैं। मानों वे यह संदेश दे रहे हैं कि जीवन पहलू उदीयमान, ज़रूरी व नये हैं, तो आइए क्यों न हम भी भारतीय नववर्ष की उजास में सराबोर हो जाए. नव संवत्सर उत्सव कार्यक्रम का सफ़ल संयोजन व संचालन संस्कृत विभाग के डाॅ. विजय कुमार चतुर्वेदी ने किया |
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