जीवन अनमोल है , इसे आत्महत्या कर नष्ट नहीं करें !
सुबह की शुरुआत माता-पिता के चरण स्पर्श से करें !
संस्कार सृजन @ राम गोपाल सैनी
उदयपुर (संस्कार सृजन) आश्रम सचिव गोपाल कनेरिया ने बताया कि 10 दिन पूर्व आश्रम की रेस्क्यू टीम द्वारा सिरोही राष्ट्रीय मार्ग से एक प्रभु जी को रेस्क्यू कर सेवा,उपचार एवं पुनर्वास हेतु बेदला स्थित अपना घर आश्रम उदयपुर में भर्ती किया गया | उस समय प्रभुजी की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। शुरू में प्रभुजी ने अपना नाम आशीष विश्वकर्मा बताया। इसके अलावा कोई जानकारी नहीं मिली।
आश्रम में नियमित सेवा एवं उपचार के बाद आशीष प्रभुजी की हालात में सुधार होने लगा आश्रम प्रभारी सुल्तान सिंह द्वारा की गई काउंसलिंग के दौरान प्रभुजी ने दो-तीन मोबाइल नंबर बताएं जिसमें से एक नंबर मां सरस्वती स्कूल पथरिया जाट जिला सागर का मिला। उस नंबर पर बात की जो सही था। उनको आशीष प्रभु जी के बारे में जानकारी दी एवं फोटो भेजा गया। स्कूल के माध्यम से परिवार जनों को सूचना मिली कि आशीष उदयपुर में अपना घर आश्रम में है। परिवार वालों ने आश्रम प्रभारी सुल्तान सिंह से बात की जिस पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के द्वारा प्रभु जी की माताजी, बहिन, बहनोई, एवं चाचाजी से बात कराई। आशीष प्रभु जी के बारे में जानकारी प्राप्त होने पर पूरे परिवार में खुशियां छा गई, मां की आंखों से आंसू बहने लगे। पुष्टि होने पर आशीष प्रभुजी को लेने उनकी माताजी राजरानी, बहिन आरती विश्वकर्मा और बहनोई दीपक विश्वकर्म उदयपुर आश्रम आए।
बहिन ने बताया कि आशीष की मानसिक स्थिति ठीक नहीं होने से दिनांक 7 दिसंबर 2024 को घर से बिना बताए निकल गया बहुत ढूंढा पर नहीं मिला। जसपर 9 दिसंबर 2024 को पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। 10 दिसंबर को सूचना मिली कि आशीष अहमदाबाद में साइंस सिटी के वहां घूम रहा है। परिवार वाले दूसरे दिन अहमदाबाद गए, सप्ताह पर आशीष को ढूंढा पर वहां नहीं मिला। जब अपना घर आश्रम उदयपुर से सूचना मिली तो दिल को सुकून मिला। मां ने बताया कि सबसे ज्यादा खुशी तो आशीष के चाचाजी को हुई वो अपने भतीजे को देखना चाहते हैं।
बहनोई दीपक विश्वकर्मा ने आश्रम द्वारा की जा रही सेवा एवं उपचार की बहुत ही प्रशंसा व्यक्त की और कहा कि यहां सभी प्रभुजनों को परिवार की कमी महसूस नहीं होने दी जाती ,सेवा साथियों भी प्रभुजनों को भरपूर प्यार और सेवा करते है। यह सेवा की अदभुत मिशाल है, प्रभु ने चाहा तो में भी इस मिशन में जुडूंगा।
आश्रम की आवश्यक कार्यवाही पूर्ण कर आश्रम सचिव गोपाल कनेरिया ने आशीष प्रभु जी को तिलक लगाकर, उपरणा पहनाकर अपने घर पथरिया जाट जिला सागर, मध्य प्रदेश के लिए सकुशल विदा किया।
किसी भी कार्यक्रम को लाइव दिखाने के लिए संपर्क करें - 9214996258,7014468512.





