जीवन अनमोल है , इसे आत्महत्या कर नष्ट नहीं करें !
सुबह की शुरुआत माता-पिता के चरण स्पर्श से करें !
संस्कार सृजन @ राम गोपाल सैनी
जयपुर (संस्कार सृजन) हरे कृष्णा प्योर भक्ति सेंटर टीम ने गीता जयंती के अवसर पर 11 दिनों के कार्यक्रम का आयोजन किया, जिसमें भगवद् गीता के महत्व और इसके उपदेशों को अपने जीवन में उतारने के तरीकों पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यक्रम में भगवान श्री कृष्ण द्वारा अर्जुन को दिए गए उपदेशों को विस्तार से समझाया गया, जिसमें कर्मयोग, ज्ञानयोग, भक्तियोग के महत्व पर विशेष ध्यान दिया गया। भगवान श्री कृष्ण के वचनों को याद करते हुए, "मन्मना भव मद्भक्तो मद्याजी मां नमस्कुरु। मामेवैष्यसि सत्यं ते प्रतिजाने प्रियोऽसि मे" का अर्थ समझाया गया।
इसके अलावा टीम ने अलग-अलग मंदिरों, स्कूलों, मॉल में कीर्तन, कथा और गीता वितरण किया, जिसमें लोगों को गीता जी के महत्व के बारे में समझाया गया और उन्हें भगवद् गीता के उपदेशों को अपने जीवन में उतारने के लिए प्रेरित किया गया।
अनाथ आश्रम में जाकर कार्यक्रम किए गए जिससे उन सभी को सनातन धर्म की शिक्षा मिल सके। अक्षिलेश्वरी दीदी के मार्गदर्शन में नाट्य द्वारा गीता को समझाया गया और गीता में स्लोक जो कि बहुत महत्वपूर्ण सार स्वरूप है, इसको अच्छे से समझाया गया।
कार्यक्रम में जगन्नाथ प्रभु,राधा रमण प्रभु , जगमोहन प्रभु राधाकांत प्रभु, नैन मंजरी दीदी और बच्चों ने मिलकर सेवा की, जिसमें भगवद् गीता के 700 श्लोकों का उच्चारण किया गया।
इस प्रकार हरे कृष्णा प्योर भक्ति सेंटर टीम ने गीता जयंती के अवसर पर भगवद् गीता के प्रति लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया और भगवान श्री कृष्ण के उपदेशों को अपने जीवन में उतारने के लिए प्रेरित किया।
किसी भी कार्यक्रम को लाइव दिखाने के लिए संपर्क करें - 9214996258,7014468512.





