जिला चिकित्सालय लक्ष्मणगढ़ में आपातकाल ऑपरेशन कर बचाई मां एवं बच्चे की जान

जीवन अनमोल है इसे आत्महत्या कर नष्ट नहीं करें !

सुबह की शुरुआत माता-पिता के चरण स्पर्श से करें !

संस्कार सृजन राम गोपाल सैनी

लक्ष्मणगढ़  (संस्कार सृजन) स्थानीय जिला चिकित्सालय में सुविधाओं के विस्तार के क्रम में  डॉ. कविता चौधरी, सीनियर गायनेकोलॉजिस्ट के नेतृत्व में आपातकाल में  इनकंप्लीट प्लेसेंटा प्रीविया एंटीरियर लो लाइन एवं कॉर्ड प्रोलैप्स के साथ उपस्थित प्रसूता का चिरंजीवी योजना के अंतर्गत सफल इलाज किया गया।

प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ अटल भास्कर ने बताया कि मीलो की ढाणी, लक्ष्मणगढ़ निवासी 32 वर्षीय प्रसूता राजू पत्नि विजयपाल के प्रसव पीड़ा के साथ ही रक्तस्राव समस्या होने के कारण आपातकाल में जिला चिकित्सालय लक्ष्मणगढ़ में ईलाज हेतु आए । अस्पताल के डॉ. कविता चौधरी द्वारा मरीज का परिक्षण करने पर इनकंप्लीट प्लेसेंटा प्रीविया एंटीरियर लो लाइन एवं कॉर्ड प्रोलैप्स के साथ शिशु ब्रीच प्रेजेंटेशन मे मौजूद था, चूंकि प्रसुता के पूर्व में भी एक मृत जन्म बच्चा पैदा होने की हिस्ट्री थी | अतः उक्त गंभीर स्थिति को भांपते हुए तुरंत मरीज के परिजनों को आपात स्थिति से अवगत करवाते हुए भर्ती कर सीजेरियन प्रसव किया गया तथा मां एवं बच्चे को सुरक्षित बचाया गया ।

ऑपरेशन टीम में डॉ. कविता चौधरी सीनियर स्त्री रोग विशेषज्ञ, डॉ. अनुपमा जाखड़ स्त्री रोग विशेषज्ञ, एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. झाबर मल जाट, डॉ. सत्यपाल ढाका, शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ विमल भुरिया, डॉ. वेदप्रकाश झुरिया, ओटी इंचार्ज मनोज मिश्रा, नर्सिंग अधिकारी इमरता देवी आदि मौजूद रहे। प्रसूता एवम नवजात शिशु को पूर्णतः स्वस्थ अवस्था में बुधवार को चिकित्सलाय से डिस्चार्ज किया | जिस पर परिजनों द्वारा चिकित्सालय कार्मिकों को मिठाई खिला कर सफल प्रसव हेतु धन्यवाद प्रकट किया गया । 

जिला चिकित्सालय के वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ कविता चौधरी ने बताया कि लो लाइंग इनकंप्लीट प्लेसेंटा प्रिविया एक गंभीर मेडिकल इमरजेंसी स्थिति है जिसमे प्लेसेंटा गर्भाशय के नीचे की ओर आ जाता है और सर्विक्स के पूरे अथवा कुछ हिस्से को कवर कर लेता है । इससे गर्भाशय की ओपनिंग बंद हो जाती है तथा गर्भनाल बच्चे के बाहर आने से पहले ही गर्भाशय से बाहर आ जाती है, साथ ही डिलीवरी के दौरान शिशु का वेजाइना से निकलने का रास्ता बंद हो जाता है एवम ऐसी स्थिति होने पर प्रेग्नेंसी और डिलीवरी के दौरान गंभीर ब्लीडिंग हो सकती है। ज्यादा रक्तस्त्राव या हैमरेज होना गर्भ में बच्चे के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। यह एक आपातकालीन स्थिति बन जाती है और ऐसा होने पर बच्चे के किसी भी हिस्से – चाहे सिर, कंधे या बाकी के शरीर, संभवतः बच्चे के ऑक्सीजन स्रोत को काट देते हैं। आखिरकार, बच्चा जल्दी से ऑक्सीजन की कमी की वजह से हाइपोक्सिया को विकसित करता है। यह स्थिति भ्रूण के मृत जन्म का कारण भी बन जाती है।

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