अब घर के अंदर भी जरूरत पड़ने पर मास्क लगाएं : सरकार

जीवन अनमोल है इसे आत्महत्या कर नष्ट नहीं करें !

मास्क लगाकर रहें ! सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखें !

संस्कार न्यूज़ राम गोपाल सैनी

नई दिल्ली (संस्कार न्यूज़) सरकार ने कहा है कि अब घर के अंदर भी संक्रमण के लक्षणों के मद्देनजर मास्क लगाना जरूरी हो गया है। इससे कोरोना संक्रमण की चेन तोड़ने में मदद मिलेगी। देश में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों की निगरानी पर फोकस की जरूरत है। मंत्रालय ने कहा कि लोगों को चाहिए कि वे कोविड प्रोटोकॉल का 100 फीसद पालन करें और मास्क लगाएं। इसके अलावा रेमडेसिविर को लेकर डर का माहौल न बनाएं। मंत्रालय ने जारी बयान में कहा कि कोरोना से लड़ने के लिए संक्रमण चेन को तोड़ना जरूरी हो गया है।

कोरोना संक्रमण को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से कहा गया कि कोरोना संक्रमण की चेन तोड़ना सबसे जरूरी है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने जानकारी दी कि देश में अबतक 14.19 करोड़ लोगों को वैक्सीन लग चुकी है। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक 12 राज्यों में 80 प्रतिशत फ्रंटलाइन वर्कर्स को वैक्सीन की पहली डोज लग चुकी है। राजस्थान, छत्तीसगढ़, लद्दाख में 60 साल से ऊपर के लोगों के स्वास्थ्य का प्रदर्शन काफी अच्छा है। स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से कहा गया कि हमें कोरोना संक्रमण की चेन तोड़नी होगी और क्लीनिकल मैनेजमेंट पर भी ध्यान केंद्रित करना होगा। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि रेमडेसिविर को लेकर भय का माहौल नहीं होना चाहिए। ऐसा नहीं है कि जिसे रेमडेसिविर नहीं मिलेगा उसकी जान चली जाएगी। हमें वायरस के प्रसार पर पहले नियंत्रण पाना है।

इसलिए अस्पतालों के बाहर बहुत भीड़ हो जाती है!

एम्स निदेशक रणदीप गुलेरिया बोले, 'जो भी कोविड-19 पॉजिटिव आता है उसमें ये पैनिक हो जाता है कि कहीं मुझे बाद में ऑक्सीजन और अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत न पड़े इसलिए मैं अभी भर्ती हो जाता हूं। इससे अस्पतालों के बाहर बहुत भीड़ हो जाती है और वास्तविक मरीजों को इलाज नहीं मिल पाता है।' उन्होंने आगे कहा कि हमें मामलों की संख्या को कम करना होगा और अस्पताल के संसाधनों का बेहतर उपयोग करना होगा। ऑक्सीजन का विवेकपूर्ण उपयोग बहुत महत्वपूर्ण है। फिलहाल, एक अनावश्यक दहशत है।

गुलेरिया ने कहा कि अगर सब लोग होम आइसोलेशन नहीं करेंगे और पैनिक के कारण अस्पताल में भर्ती होना चाहेंगे तो दुनिया का कोई इंफ्रास्ट्रक्चर ऐसा नहीं है जो इन सब लोगों को मैनेज कर पाएगा।

पीरियड्स के दौरान टीका लगवाएं या नहीं?

स्वास्थ्य सदस्य(नीति आयोग) डॉ वीके पॉल बोले, 'हम उभरती स्थिति के कारण COVID19 टीकाकरण की गति को कम नहीं होने दे सकते। वास्तव में, टीकाकरण को बढ़ाया जाना चाहिए।' उन्होंने आगे कहा कि सवाल पूछे जा रहे हैं कि क्या मासिक धर्म के दौरान महिलाओं को टीका लगाया जाना चाहिए या नहीं। इसका उत्तर है हां, टीका पीरियड्स के दौरान लिया जा सकता है। यह टीकाकरण स्थगित करने का कोई कारण नहीं है।

एक व्यक्ति 30 दिनों में कर सकता है 406 लोगों को संक्रमित

सरकार ने कोरोना पर जानकारी देते हुए बताया, 'अनुसंधान से पता चला है कि यदि कोई शारीरिक दूरी नहीं है, तो एक व्यक्ति 30 दिनों में 406 लोगों को संक्रमित कर सकता है।'

ऑक्सीजन टैंकर का परिवहन एक बड़ी चुनौती

वहीं, गृह मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव ने बताया, 'भारत खरीद व किराए दोनों ही आधार पर विदेशों से ऑक्सीजन टैंकर मंगवा रहा है। ऑक्सीजन टैंकरों का परिवहन एक बड़ी चुनौती है। रीयल-टाइम ट्रैकिंग का उपयोग करते हुए, हम ऑक्सीजन टैंकरों के आवागमन की निगरानी कर रहे हैं।'

बढ़ा ऑक्सीजन का उत्पादन

गृह मंत्रालय के एडिशनल सेक्रेटरी ने बताया कि मेडिकल ऑक्सीजन का उत्पादन ज्यादा बढ़ा है। हमारी ऑक्सीजन उत्पादन क्षमता 7,259 मीट्रीक टन है और 24 अप्रैल को 9,103 मीट्रीक टन ऑक्सीजन का उत्पादन हुआ है।

आठ राज्यों में हाल बेहाल

देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हर दिन कोविड के निपटने व जनता को बेहद जरूरी चीजों की आपूर्ति के लिए बैठक कर रहे हैं। इस बीच सोमवार को देश में 3,52,991 कोविड के नए मामले दर्ज किए गए। इसके साथ ही देश में 28,13,658 सक्रिय मामले हो चुके हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, 'महाराष्ट्र, यूपी, कर्नाटक, केरल, राजस्थान, छत्तीसगढ़, गुजरात और तमिलनाडु ऐसे राज्य हैं, जहां 1 लाख से अधिक सक्रिय मामले हैं।' इसके साथ ही स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि अब तक 14.19 करोड़ वैक्सीन की खुराक दी जा चुकी है।

संयुक्त सचिव(स्वास्थ्य मंत्रालय) लव अग्रवाल ने बताया, 'इस समय देश में 82% कोरोना के मामले ठीक हो गए हैं। करीब 16.25% मामले यानी कि 28,13,658 मामले अभी भी सक्रिय मामलों की दृष्टि में है। जिसकी निगरानी की जा रही है।' उन्होंने आगे कहा कि कुछ राज्य है जहां सक्रिय मामलों की संख्या ज्यादा बनी हुई है। जिसमें महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, केरल, राजस्थान, छत्तीसगढ़, गुजरात और तमिलनाडु राज्य शामिल है। पूरे देश में अब तक 14,19,00,000 कोरोना की डोज लग चुकी है।


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