विधायक मनीष यादव ने की बंदरों के वैज्ञानिक और स्थायी पुनर्वास के लिए राज्यव्यापी नीति बनाने की मांग

जीवन अनमोल है , इसे आत्महत्या कर नष्ट नहीं करें !

सुबह की शुरुआत माता-पिता के चरण स्पर्श से करें !

अब सिर्फ 150 रुपए में साल भर घर मंगवाएँ "संस्कार सृजन" न्यूज़ पेपर ! 

संस्कार सृजन राम गोपाल सैनी 

जयपुर (संस्कार सृजन) विधायक मनीष यादव ने सदन में ध्यानआकर्षण  प्रस्ताव के माध्यम से क्षेत्र सहित प्रदेश में बढ़ती बंदरो की समस्या को गंभीर मुद्दे के रूप में उठाया। विधायक के इस महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर सभी सदस्यों ने भी गंभीरता जताई और संपूर्ण क्षेत्रों में बंदरों के आतंक को लेकर चिंता जताई। मुद्दे पर सदन में लगभग 22 मिनिट चर्चा हुई। 

विधायक ने कहा की मेरे  क्षेत्र के शहरी और अधिकांश ग्रामीण इलाकों में बंदरों का आतंक चरम पर है। आए दिन लोगों को काटने की घटनाओं से भय का वातावरण बना हुआ है और जान-माल की सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा है। उत्पाती झुंड खेतों में खड़ी फसलों को भी नुकसान पहुँचा रहे हैं, जिससे किसानों को भारी क्षति हो रही है।

विधायक ने बताया कि वर्ष 2025 में शाहपुरा क्षेत्र में लगभग 4200 लोगों को रेबीज के टीके लगाए गए, जिनमें 90 प्रतिशत मामले बंदरों के काटने से जुड़े हैं। उन्होंने इसे बेहद चिंताजनक आंकड़ा बताते हुए कहा कि महिलाएं, बच्चे और वरिष्ठ नागरिक सबसे अधिक प्रभावित हैं। कई परिवार भय के कारण पलायन कर चुके हैं और कुछ मामलों में हमलों से स्थायी शारीरिक क्षति भी हुई है।

यादव ने कहा कि पूर्व सत्रों में भी इस विषय को उठाया गया था और आसन द्वारा ठोस कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे, लेकिन स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। उन्होंने स्वायत्त शासन मंत्री से विशेष टीम गठित कर प्रभावी धरपकड़ अभियान चलाने तथा बंदरों के वैज्ञानिक और स्थायी पुनर्वास के लिए राज्यव्यापी नीति बनाने की मांग की। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि निविदाओं के माध्यम से की जा रही कार्रवाई कागजी अधिक और जमीनी कम नजर आती है।

मंत्री ने जवाब में बताया कि नगर परिषद शाहपुरा द्वारा समय-समय पर निविदाएं जारी कर अहिंसक पद्धति से लगभग चार से पांच हजार बंदरों को पकड़कर सरिस्का और ताल वृक्ष क्षेत्र के वनों में छोड़ा गया है। वर्तमान में भी अभियान जारी है, जिससे संख्या में कमी आई है। सार्वजनिक स्थलों पर बंदरों को भोजन देने पर रोक लगाने के लिए जागरूकता अभियान और चेतावनी बोर्ड भी लगाए जा रहे हैं।

इस पर विधायक ने कहा कि समस्या केवल शाहपुरा तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश में विकराल रूप ले चुकी है। उन्होंने दूरस्थ वन क्षेत्रों में व्यवस्थित पुनर्वास की ठोस योजना बनाने पर जोर दिया, ताकि बंदर पुनः आबादी क्षेत्रों में न लौटें। स्वायत्त शासन मंत्री झाबर सिंह खरा और वन मंत्री संजय शर्मा ने सदस्यों से सुझाव आमंत्रित करते हुए आश्वासन दिया कि प्राप्त सुझावों के आधार पर शीघ्र ही व्यापक योजना बनाकर स्थायी समाधान की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।

किसी भी कार्यक्रम को लाइव दिखाने के लिए संपर्क करें - 9214996258,7014468512,9587061004.

सब्सक्रिप्शन बेचें

बहुत जरूरी सूचना :- 

1. रात को दुर्घटना से बचने के लिए अपनी गाड़ी को लो बीम में चलाएँ !

2. खुले कुओं और नलकूप को जल्द से जल्द बंद करवाएं !

हमसे जुड़े :-

Facebook :- https://www.facebook.com/RamGopalSainiofficial

Tweeter :- https://twitter.com/RamgGopal

Instagram :- https://www.instagram.com/ram_gopalsaini/

Youtube :- https://www.youtube.com/channel/UCDNuBdPbTqYEOA-jHQPqY0Q


1. हम सभी किसी ना किसी रूप में जरूरतमंदो की सेवा कर सकते हैं | 

2. पड़ोसी भूखा नहीं सोए इसका ध्यान रखें |

3. जीवन में आप इस धरती पर अपने नाम का एक पेड़ जरूर लगाएँ |

4. बेजुबानों के लिए दाना-पानी की व्यवस्था जरूर करें !

विडियो देखने के लिए -https://www.youtube.com/channel/UCDNuBdPbTqYEOA-jHQPqY0Q 

अपने आसपास की खबरों , लेखों और विज्ञापन के लिए संपर्क करें - 9214996258, 7014468512,9929701157.

सब्सक्रिप्शन बेचें

ज़्यादा जानें
धर्म चर्चा
टेक्नोलॉजी अपडेट
वेब सीरीज़ सब्सक्रिप्शन
स्वास्थ्य टिप्स
टेक्नोलॉजी गैजेट्स
मौसम अपडेट
क्रिकेट उपकरण
समाचार सदस्यता
विज्ञापन सेवाएँ
हास्य पुस्तक

इमरजेंसी नंबर :- पुलिस कंट्रोल रूम- 100, चौमूं थाना - 01423-221009, डीसीपी पूर्व- 0141-2203400, एसीपी चौमूं -01423-221456, गोविंदगढ़ थाना-01423-230023, डीएसपी गोविंदगढ़-01423-230905, जयपुर ग्रामीण एसपी-0141-2206869, एंबुलेंस-108, सीएचसी चौमूं -01423-221424, सीएचसी गोविंदगढ़ - 01423-230077, सीएचसी सामोद-01423-240105, बिजली हेल्पलाइन-6376917467, एक्स ईएन चौमूं-01423-220069 

Post a Comment

0 Comments