जीवन अनमोल है , इसे आत्महत्या कर नष्ट नहीं करें !
सुबह की शुरुआत माता-पिता के चरण स्पर्श से करें !
संस्कार सृजन @ राम गोपाल सैनी
चौमूं / जयपुर (संस्कार सृजन) सेठ आरएल सहरिया राजकीय पीजी महाविद्यालय कालाडेरा की राज्य महिला नीति-2021 समिति के तत्वावधान में महाविद्यालय की बालिकाओं के लिए आर्थिक साक्षरता, महिला कल्याण संबंधी योजनाओं व जैविक कृषि से संबंधित विषयों पर एक दिवसीय प्रसार वार्ता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रसार वार्ताओं के संदर्भ व्यक्तियों का स्वागत करते हुए महाविद्यालय की कार्यवाहक प्राचार्य प्रो. रजनी मीना ने कहा कि विकास की मूल धारणाएं जेन्डर बेस न होकर, समन्वय व सहभागिता आधारित होती है, अतः बालिकाओं को भी सभी कौशलों में प्रवीण होना चाहिए। राज्य महिला नीति-2021 की प्रभारी समन्वयक डाॅ. दीपा वर्मा ने प्रसार वार्ताओं के विषयों को सभा पटल पर रखते हुए कहा कि महाविद्यालय की सभी बालिकाओं को ऐसी महत्वपूर्ण वार्ताओं में जागरूक्ता के लिहाज से अवश्य भाग लेना चाहिए।
प्रसार वार्ता के प्रथम तकनीकी सत्र की अध्यक्षता करते हुएं महाविद्यालय के अकादमिक डीन प्रो. चिरंजी लाल परिहार ने अपने सत्र के वक्ताओं का स्वागत करते हुए महाविद्यालय की बालिकाओं को शंका व समाधान के लिए प्रोत्साहित किया। प्रथम तकनीकी सत्र के मुख्य वक्ता एस.बी.आई. बैंक कालाडेरा के प्रबंधक प्रमोद मीणा ने महाविद्यालय की बालिकाओं को महिला संदर्भित स्टार्टअप तथा कृषि संबंधी दिये जाने वाले ऋणों के बारे में वित्तीय साक्षर करते हुए कहा कि मुद्रा लोन, किसान क्रेडिट कार्ड, पशुपालन व किसी भी प्रकार के ऋण आदि के लिए आनलाइन विवरण का अध्ययन कर बैंक प्रतिनिधि से रूबरू जानकारी अवश्य लेनी चाहिए, साथ ही इस दिशा के साइबर क्राइम के प्रति सतर्क व जागरूक भी रहना चाहिए, बैंक इस प्रकार की कोई आनलाइन सूचनाएं नहीं मांगता। एस.बी.आई. बैंक कालाडेरा के सहायक प्रसाशनिक अधिकारी जयेश ने महाविद्यालय की बालिकाओं को शैक्षिक ऋण, खाता खोलने व संचालन की प्रक्रियाओं तथा यूनों एप के बारे आमुखीकृत किया।
दूसरे तकनीकी सत्र में महिला एवं बाल विकास विभाग की पर्यवेक्षक वन्दना खण्डेलवाल ने महिला, बालिका कल्याण तथा उनके पोषण से संबंधित विभाग द्वारा संचालित सबला योजना, उड़ान योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना आदि के बारे में महाविद्यालय की बालिकाओं को एजुकेटेड किया। इसी तकनीकी सत्र की मुख्य वार्ताकार प्रो. प्रेणिता गुप्ता ने पी.पी.टी. प्रजेटेशन के माध्यम से बालिकाओं को जैविक खेती व बागवानी संबंधी कौशलों से परिचित करवाया। सत्र के अंत में कार्यक्रम की समन्वयक डाॅ. दीपा वर्मा ने कौशल विकास पर अपनी विशिष्ट वार्ता प्रदान करते हुए कहा कि कौशल प्रशिक्षण प्राप्त कर महिलाएं समाज में स्वावलम्बी स्वरूप प्राप्त कर पाएंगी, जिससे महिलाओं में आर्थिक सबलताओं का वांछित पर्यावरण विकसित हो पायेगा।
इस अवसर पर डाॅ. सुभाष वर्मा, डाॅ. ज्योति अरूण, डाॅ. मंजू वर्मा, डाॅ. जितेन्द्र कुमार लोढ़ा व डाॅ. अमिता कुमारी सहित सभी संकाय सदस्यों ने अपनी सार्थक उपस्थिति दर्ज करवाई। धन्यवाद ज्ञापन का दायित्व डाॅ. नीतू यादव ने निर्वहन किया। कार्यक्रम का संयोजन व संचालन हिन्दी विभाग की डाॅ. सिमंतिनी पालावत ने किया।
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