सुबह की शुरुआत माता-पिता के चरण स्पर्श से करें !
संस्कार सृजन @ राम गोपाल सैनी
जयपुर (संस्कार सृजन) हिंदू धर्म में पितरों को देवता तुल्य माना गया है। पितृ पक्ष में जरूरतमंदों को दान करना व बिल्ली, कौवे व चीटिंयों आदि को भोजन देना शुभ माना गया है।
पितृ लोक में स्थान प्राप्त करने वाले पितर या पूर्वज हर वर्ष श्राद्ध पक्ष में अपने वंशजों को देखने आते हैं और उन्हें अपना आशीष प्रदान करते हैं। हिंदू धर्म में पितरों को देव तुल्य माना गया है और उन्हें प्रसन्न रखना बहुत जरूरी होता है। हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार, पितरों के प्रसन्न होने पर व्यक्ति के जीवन में खुशहाली व आर्थिक संपन्नता आती है। जबकि पितरों के नाराज होने पर व्यक्ति को सफलता हासिल करने में मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, पितृ दोष से छुटकारा पाने के लिए पीपल के पेड़ पर जल चढ़ाना चाहिए। मान्यता है कि पितरों का वास पीपल के पेड़ में होता है।
पितरों को प्रसन्न करने के लिए क्या करना चाहिए : -
अंतर्राष्ट्रीय भविष्यवक्ता पंडित रविन्द्राचार्य के अनुसार अपने पितरों की तस्वीर दक्षिण की दीवार पर लगाएं। इन दिनों में नित्य प्रति शाम को अपने पितरों के नाम का एक दीया अपने घर के बाहर दक्षिण दिशा में जलाएं और ईश्वर से उनकी सद्गति के लिये प्रार्थना करें और अपने परिवार के लिए आशीर्वाद मांगें। इन दिनों में अपने पितरों के नाम से जरूरतमंदों को अनाज का दान करना शुभ फलदायी होता है। जब भी पितरों के निमित्त भोजन दान करें, उसमें तुलसी का पत्ता अवश्य डालें। इन दिनों चींटियों तथा मछलियों को भोजन करवाना चाहिए।
पितृ पक्ष में क्या करें :-
पितृ पक्ष में मांस मदिरा से दूर रहना चाहिए। तामसिक भोजन का सेवन नहीं करना चाहिए। प्रतिदिन हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए। मान्यता है कि ऐसा करने से पितृ दोष समाप्त होता है।
पितृ पक्ष कब से कब तक रहेंगे: -
पितृ पक्ष 18 सितंबर 2024 से आरंभ हो चुके हैं और 2 अक्टूबर तक रहेंगे।
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