उत्तम स्वास्थ्य ही वास्तविक धन:विश्व स्वास्थ्य दिवस पर विशेष आलेख

जीवन अनमोल है इसे आत्महत्या कर नष्ट नहीं करें !

सुबह की शुरुआत माता-पिता के चरण स्पर्श से करें !

संस्कार सृजन राम गोपाल सैनी

जयपुर (संस्कार सृजन) संपूर्ण विश्वजन को उत्तम स्वास्थ्य के महत्व के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से प्रतिवर्ष 7 अप्रैल को विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) और अन्य स्वास्थ्य संबंधी संगठनों द्वारा पूरे विश्व में "विश्व स्वास्थ्य दिवस"  के रूप में इसे सभी देशों में स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए मनाया जाता है । 7 अप्रैल 1948 को विश्व स्वास्थ्य संगठन की स्थापना का दिवस है, इसीलिए इस दिन को विश्व स्वास्थ्य संगठन ने विश्व स्वास्थ्य दिवस के रूप में चुना । 7 अप्रैल को विश्व स्वास्थ्य दिवस पर अच्छे स्वास्थ्य का अद्वितीय मूल्य मनाया जाता है ।विश्व स्वास्थ्य संगठन की अगुवाई में इस दिन पूरी दुनिया में शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक कल्याण को बढ़ावा दिया जाता है । वर्ष 2023 के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन ने "सभी के लिए स्वास्थ्य" (हैल्थ फॉर ऑल) थीम रखी है ।

विश्व स्वास्थ्य दिवस का उद्देश्य एवं महत्व :- 

विश्व स्वास्थ्य दिवस मनाने का उद्देश्य, दुनियाभर के सभी देशों में समान स्वास्थ्य सुविधाओं को फैलाने के लिए लोगों को जागरूक करना, स्वास्थ्य संबंधी मामलों से जुड़ी झूठी बातों को दूर करना और वैश्विक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं पर विचार करने का काम करना है । विश्व स्वास्थ्य दिवस वैश्विक स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों पर कार्रवाई करने और स्वस्थ जीवन को बढ़ावा देने के लिए व्यक्तियों, समुदायों और सरकारों को एक साथ आने का एक अवसर प्रदान करता है । आमजन का स्वास्थ्य के प्रति प्रबोधन, सेमिनार, सम्मेलन, स्वास्थ्य शिविर और जागरूकता अभियान सहित इस दिन को चिन्हित करने के लिए, दुनिया भर में विभिन्न गतिविधियां और कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं । डब्ल्यूएचओ इस दिन का उपयोग वैश्विक स्वास्थ्य परिणामों में सुधार लाने के उद्देश्य से नई पहल और अभियान शुरू करने के लिए भी कार्य करता है । इस महत्वपूर्ण दिवस का उद्देश्य लोगों को स्वस्थ रहने और स्वस्थ जीवन शैली के महत्व को समझने के लिए प्रेरित करना भी है ।

स्वास्थ्य, मानव का बुनियादी अधिकार :-

देश प्रदेशों की सरकारे चाहे कितना ही स्वास्थ्य सुविधा देने का दावा करें, लेकिन वास्तविकता यह है कि आजादी के 75 वर्षों बाद भी दुनिया सहित भारत देश की 30 फ़ीसदी आबादी तक जरूरी स्वास्थ्य सेवाए नहीं पहुंच पाई है और करोड़ों लोगों को स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित रहना पड़ रहा है क्योंकि उनके पास सेहत पर खर्च करने के लिए पैसे नहीं है । दुनिया भर में लगभग 950 मिलियन लोगों को अपने घरेलू बजट का 10% या उससे अधिक स्वास्थ्य पर खर्च करना पड़ रहा है, जिससे उसकी वित्तीय हालात और खराब हो रही है । जबकि स्वास्थ्य एक बुनियादी मानव अधिकार है और हर किसी को बिना किसी वित्तीय कठिनाइयों के जब और जहां इसकी आवश्यकता हो, उसे स्वास्थ्य सेवाएं मिलनी चाहिए ।

राजस्थान देश का पहला और एकमात्र राज्य जहां अब मिलेगा स्वास्थ्य का कानूनी अधिकार :-

देश दुनियां में अब राजस्थान देश का पहला और एकमात्र ऐसा राज्य बन गया है जहां की जनता को 21 मार्च 2023 से स्वास्थ्य का कानूनी अधिकार "राजस्थान स्वास्थ्य देखभाल का अधिकार अधिनियम 2023" मिला है । इसमें राज्य के प्रत्येक व्यक्ति के लिए प्राइवेट और सरकारी दोनों अस्पतालों में इमरजेंसी की हालत में फ्री इलाज का प्रावधान है । कानून में खामियों की मांग को लेकर प्रदेश में 17 दिनो तक इस जनहितकारी बिल के विरोध में निजी एवं सरकारी चिकित्सकों ने आंदोलन किया । लेकिन, अंततः सरकार व जनता को ऐतिहासिक सफ़लता मिली और राजस्थान के जन को स्वास्थ्य की गारंटी का अधिकार मिला, जिससे राजस्थान की 8 करोड जनता को स्वास्थ्य का अधिकार मिल पाएगा । यह विधेयक जोकि अब कानून का रूप ले चुका है, स्वास्थ्य क्षेत्र और स्वास्थ्य अधिकारों के परिपेक्ष में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसका न केवल राजस्थान राज्य बल्कि देश के हर नागरिक को स्वागत करना चाहिए । इस विधेयक के पारित होने से स्वास्थ्य का अधिकार, जिसको अब तक हम मुख्यतः हमारे संविधान के आर्टिकल 21 में निहित जीने के अधिकार से प्राप्त करते थे, एक विस्तृत रूप और कानूनी प्रतिबद्धता मिल गई है ।

देश प्रदेश में कोरोना ने फिर उठाया फन, संक्रमण की बढ़ी रफ्तार :-

संपूर्ण विश्व में तांडव मचा चुकी वायरस जनित संक्रामक एवं घातक बीमारी कोरोना ने एक बार देश प्रदेशों में पुनः दस्तक दे दी है तथा कोविड रोगियों के आंकड़ों में तेजी से बढ़ोतरी देखी जा रही हैं । इस बार कोरोना संक्रमितो में खांसी, जुकाम, हाथ पैरों में टूटन, शारीरिक शिथिलता, जैसे लक्षण देखे जा रहे है । देशभर में बहुत कम कोरोना जांचों के बावजूद सक्रिय कॉरोना मरीजों  की संख्या 25000 को पार कर चुकी है, जो चिंताजनक आंकड़ा है । राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, वसुंधरा राजे सिंधिया तथा पीसीसी अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा कोरोना संक्रमित पाए गए हैं । प्रदेश में कोरोना महामारी के संक्रमण को देखते हुए लोगों को कोरोना से बचाव की एडवाइजरी जारी कर पालना सुनिश्चित करने की अपील भी की है । जानकारों का मानना है कि इस बार कोरोना की घातकता अधिक है तथा वैक्सीनेशन के बाद भी प्रभावित लोगों में पोस्ट कोविड इफ़ेक्ट देखे जा रहे हैं, जो बेहद ही पीड़ाकारी व प्राण घातक साबित हो रहे हैं । ऐसे में कोरोना दिशा निर्देशों की पालना कर, इससे बचाव ही इसका कारगर उपचार साबित होगा ।

देश में जानलेवा संक्रामक महामारियों का बढ़ता प्रकोप चिंताजनक :-

पिछले एक दशक में देश में घातक बीमारियों जैसे कोरोना, कैंसर, अर्थराइटिस, ढेंगू, मोटापा, हृदयाघात, आदि के रोगियों में बेतहाशा वृद्धि देखने को मिली है जो एक चिंताजनक आंकड़ा है। देश में घरेलू एवं औद्योगिक कचरा निस्तारण के कुप्रबंधन, कृषि में प्रतिबंधित कीटनाशक दवाइयों का बेतहाशा प्रचलन, खाद्यान्न एवं डेयरी प्रोडक्ट्स में बढ़ती मिलावटखोरी, वायु, जल, मृदा एवं इलेक्ट्रॉनिक कचरे से होने वाले प्रदूषण, डिब्बाबंद भोजन का प्रचलन के दुष्प्रभाव, भागदौड़ भरी जिंदगी, अनियमित दिनचर्या के चलते, आज विश्व जन के स्वास्थ्य में भारी गिरावट आई है । भूमंडलीय तापन, ग्रीन हाउस प्रभाव, जनसंख्या वृद्धि, अल्लीनों प्रभाव, ओजोन प्रभाव, पर्यावरण प्रदूषण, पृथ्वी पर जैव विविधता की कमी, आदि के चलते विभिन्न रोगकारी सूक्ष्मजीव की प्रजातियों का विकास पृथ्वी पर तीव्रता से हो रहा है, जो मानव जाति की स्वास्थ्य को कमजोर व प्रभावित कर रही है । इसलिए मानव को अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग और सचेत रहना होगा क्योंकि पहला सुख निरोगी काया है । बढ़ते जलवायु परिवर्तन के कारण विभिन्न प्रकार की रोगकारक जीव जैसे वायरस,जीवाणु,  कृमियो, आदि सूक्ष्म जीवो की असंख्य प्रजातियों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है, जो जन स्वास्थ्य के लिए दुष्कर साबित हो रहे है ।

उत्तम स्वास्थ्य के लिए व्यवस्थित दिनचर्या जरूरी :-

प्रकृति एवं प्राकृतिक जल स्रोतों के संरक्षण एवं संपन्नता के लिए संघर्षरत पर्यावरणविद शिक्षक कैलाश सामोता रानीपुरा के अनुसार मानव मात्र के रहने के लिए उपयुक्त एकमात्र ग्रह पृथ्वी पर बेतहाशा बढ़ रही जनसंख्या और विभिन्न प्रकार के प्रदूषणों के चलते, यहां की जैव विविधता एवं जन स्वास्थ्य में भारी गिरावट देखने को मिल रही है । वर्तमान दौर में यंत्रों पर पूर्णतया निर्भर हो चुके मानव की शारीरिक कार्य क्षमता में निरंतर गिरावट आती जा रही है और उसकी औषधियों पर निर्भरता भी बढ़ती जा रही है । अनियमित एवं अव्यवस्थित भागदौड़ भरी दिनचर्या ने मानव शरीर की रोग प्रतिरोधक तंत्र को काफी कमजोर या पंगू बना दिया है, जिसके चलते मानव शरीर विभिन्न घातक रोगजनको के प्रति सुग्राही हो गया है और विभिन्न रोगों से ग्रसित होकर मौत के मुंह में जा रहा है । ऐसे में स्वयं के शरीर की शारीरिक स्वच्छता के साथ-साथ सामुदायिक व वैश्विक स्वच्छता का जिम्मा लेते हुए अपनी दिनचर्या को व्यवस्थित बनाना होगा । जीवन के लिए जरूरी स्वस्थ पर्यावरण और पृथ्वी ग्रह का संरक्षण भी करना होगा क्योंकि पृथ्वी का स्वास्थ्य ठीक रहेगा तो ही मानव के उत्तम स्वास्थ्य की कल्पना की जा सकती है ।

लेखक : कैलाश सामोता "रानीपुरा", पर्यावरणविद शिक्षक, जयपुर

नोट : ये लेखक के अपनेविचार हैं !

बहुत जरूरी सूचना :- रात को दुर्घटना से बचने के लिए अपनी गाड़ी को लो बीम में चलाएँ !


हम सभी किसी ना किसी रूप में जरूरतमंदों की सेवा कर सकते हैं | पड़ोसी भूखा नहीं सोए इसका ध्यान रखें |

" संस्कार सृजन " कोरोना योद्धाओं को दिल से धन्यवाद देता है |

विडियो देखने के लिए -https://www.youtube.com/channel/UCDNuBdPbTqYEOA-jHQPqY0Q 

अपने आसपास की खबरों , लेखों और विज्ञापन के लिए संपर्क करें - 9214996258, 7014468512,9929701157.

इमरजेंसी नंबर :- पुलिस कंट्रोल रूम- 100, चौमूं थाना - 01423-221009, डीसीपी पूर्व- 0141-2203400, एसीपी चौमूं -01423-221456, गोविंदगढ़ थाना-01423-230023, डीएसपी गोविंदगढ़-01423-230905, जयपुर ग्रामीण एसपी-0141-2206869, एंबुलेंस-108, सीएचसी चौमूं -01423-221424, सीएचसी गोविंदगढ़ - 01423-230077, सीएचसी सामोद-01423-240105, बिजली हेल्पलाइन-6376917467, एक्स ईएन चौमूं-01423-220069

Post a Comment

0 Comments