मातृभाषा बोलते हुए बाल्यकाल से बड़े होकर दुनिया के संपर्क में आते हैं : श्रवण सागर

 जीवन अनमोल है , इसे आत्महत्या कर नष्ट नहीं करें !

मास्क लगाकर रहें ! सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखें !

संस्कार न्यूज़ @ राम गोपाल सैनी 

जयपुर (संस्कार न्यूज़) हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी विश्व मातृभाषा दिवस 21 फरवरी को है, लेकिन रविवार का अवकाश होने के कारण राजस्थान सरकार ने इसे 20 फरवरी को ही मनाए जाने के आदेश सभी विश्वविद्यालयों को भेजे हैं |


राजस्थानी अभिनेता श्रवण सागर ने बताया की मातृभाषा का अर्थ है वह भाषा जिसे हम अपने परिवेश, स्थान, समूह में बोलते हुए बाल्यकाल से बड़े होकर दुनिया के संपर्क में आते हैं | मातृभाषा अभिव्यक्ति का सर्वाधिक विश्वसनीय माध्यम है ,इसी के माध्यम से व्यक्ति के व्यक्तित्व के निर्माण, विकास और उसकी सामाजिक - सांस्कृतिक पहचान बनती है | हम सभी को मातृभाषा दिवस जरूर मनाना चाहिए |


गौरतलब है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की पहल पर वर्ष 2003 में राजस्थान विधानसभा द्वारा सर्वसम्मति से राजस्थानी भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में सम्मिलित करने के लिए संकल्प पारित कर केंद्र सरकार को प्रस्ताव हेतु भिजवाया हुआ है |  

कल विभिन्न विश्वविद्यालयों द्वारा राजस्थानी भाषा से जुड़े विभिन्न आयोजन जैसे वाद- विवाद, परिचर्चा, निबंध और भाषण प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएँगी |


हम सभी किसी ना किसी रूप में जरूरतमंदों की सेवा कर सकते हैं | पड़ोसी भूखा नहीं सोए इसका ध्यान रखें |

" संस्कार न्यूज़ " कोरोना योद्धाओं को दिल से धन्यवाद देता है |

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