कई राज्यों के बाद अब प्रदेश में भी डिजिटल लत पर सख्ती की मांग

जीवन अनमोल है , इसे आत्महत्या कर नष्ट नहीं करें !

सुबह की शुरुआत माता-पिता के चरण स्पर्श से करें !

अब सिर्फ 150 रुपए में साल भर घर मंगवाएँ "संस्कार सृजन" न्यूज़ पेपर ! 

संस्कार सृजन राम गोपाल सैनी 

जयपुर (संस्कार सृजन) कांग्रेस विधायक मनीष यादव ने सदन में मोबाइल फ़ोन पर अवांछित कंटेंट व रिल्स के प्रति बच्चों की बढ़ती लत वह इसके दुरुपयोग को लेकर गंभीर चिंता जताई।

विधायक ने कहा कि ऑनलाइन कक्षाओं, अध्ययन सामग्री और तकनीकी ज्ञान के लिए मोबाइल की उपयोगिता निर्विवाद है, लेकिन अवांछित सोशल साइट्स, अश्लील एवं भ्रामक कंटेंट तथा रील्स की बढ़ती लत बच्चों की एकाग्रता, मानसिक स्वास्थ्य, चरित्र निर्माण और शैक्षणिक भविष्य के लिए गंभीर चुनौती बनती जा रही है। मामला केवल अभिभावकों की चिंता तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज और नीति-निर्माताओं के लिए भी अत्यंत विचारणीय विषय बन चुका है।

अत्यधिक स्क्रीन-टाइम, एल्गोरिदम आधारित आकर्षण और अनुपयुक्त सामग्री बच्चों को साइबर बुलिंग, दुरुपयोग और असामाजिक प्रभावों की ओर धकेल रही है। इससे उनके मानसिक और भावनात्मक विकास पर नकारात्मक असर पड़ रहा है तथा वे आपराधिक व गैंगस्टर प्रकार के लोगो को फ़ोलो करने लग जाते है ततहा ग़लत रास्तो पर आगे बढ़ने लग जाते है। तथा सोशल मीडिया के माध्यम से ऑनलाइन गेमिंग का शिकार हो जाते है तथा इसमें फँसकर लाखों रुपये के कर्ज तले दब जाते है और कई बार बच्चे इस मानसिक तनाव को झेल नहीं पाते तथा आत्महत्याओ के शिकार हो जाते है।

विधायक ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया, चीन, साउथ कोरिया जैसे देशों ने इस पर नीति बनाई है भारत में भी कर्नाटक, महाराष्ट्र, आंध्रप्रदेश जैसे राज्य भी इस पर नीति बनाने की और अग्रसर है क्यों ना हम भी बनाये। विधायक ने कहा कि मेरा उद्देश्य तकनीक पर प्रतिबंध लगाना नहीं, लेकिन बच्चों के हित में उसके सुरक्षित, संतुलित और जिम्मेदार उपयोग को सुनिश्चित करना है। विधायक ने कहा कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले समय में बच्चों में शारीरिक एवं मानसिक विकार बढ़ सकते हैं, उनका करियर प्रभावित हो सकता है और यह समाज व परिवारों के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है।

इसलिए समय रहते 16 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए आयु-आधारित डिजिटल विनियमन लागू किया जाए। साथ ही डिफ़ॉल्ट समय-सीमा, रात्रिकालीन ऑटो-लॉक व्यवस्था, सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अनिवार्य पैरेंटल कंट्रोल और सेफ मोड सुनिश्चित किया जाए। अवांछित कंटेंट पर त्वरित नियंत्रण के साथ विद्यालयों में डिजिटल वेल-बीइंग शिक्षा को पाठ्यक्रम में शामिल करने तथा डिजिटल लत पर शोध और विशेष हेल्पलाइन/क्लिनिक स्थापित किया जाये ताकि देश के भविष्य को इस ओर जाने से बचाये जा सके। इसलिए इस गंभीर विषय पर शीघ्र प्रभावी कानूनी और नीतिगत प्रावधान लाए जाएं, ताकि राष्ट्र का भविष्य सुरक्षित और सशक्त रह सके।

किसी भी कार्यक्रम को लाइव दिखाने के लिए संपर्क करें - 9214996258,7014468512,9587061004.

सब्सक्रिप्शन बेचें

बहुत जरूरी सूचना :- 

1. रात को दुर्घटना से बचने के लिए अपनी गाड़ी को लो बीम में चलाएँ !

2. खुले कुओं और नलकूप को जल्द से जल्द बंद करवाएं !

हमसे जुड़े :-

Facebook :- https://www.facebook.com/RamGopalSainiofficial

Tweeter :- https://twitter.com/RamgGopal

Instagram :- https://www.instagram.com/ram_gopalsaini/

Youtube :- https://www.youtube.com/channel/UCDNuBdPbTqYEOA-jHQPqY0Q


1. हम सभी किसी ना किसी रूप में जरूरतमंदो की सेवा कर सकते हैं | 

2. पड़ोसी भूखा नहीं सोए इसका ध्यान रखें |

3. जीवन में आप इस धरती पर अपने नाम का एक पेड़ जरूर लगाएँ |

4. बेजुबानों के लिए दाना-पानी की व्यवस्था जरूर करें !

विडियो देखने के लिए -https://www.youtube.com/channel/UCDNuBdPbTqYEOA-jHQPqY0Q 

अपने आसपास की खबरों , लेखों और विज्ञापन के लिए संपर्क करें - 9214996258, 7014468512,9929701157.

सब्सक्रिप्शन बेचें

ज़्यादा जानें
धर्म चर्चा
टेक्नोलॉजी अपडेट
वेब सीरीज़ सब्सक्रिप्शन
स्वास्थ्य टिप्स
टेक्नोलॉजी गैजेट्स
मौसम अपडेट
क्रिकेट उपकरण
समाचार सदस्यता
विज्ञापन सेवाएँ
हास्य पुस्तक

इमरजेंसी नंबर :- पुलिस कंट्रोल रूम- 100, चौमूं थाना - 01423-221009, डीसीपी पूर्व- 0141-2203400, एसीपी चौमूं -01423-221456, गोविंदगढ़ थाना-01423-230023, डीएसपी गोविंदगढ़-01423-230905, जयपुर ग्रामीण एसपी-0141-2206869, एंबुलेंस-108, सीएचसी चौमूं -01423-221424, सीएचसी गोविंदगढ़ - 01423-230077, सीएचसी सामोद-01423-240105, बिजली हेल्पलाइन-6376917467, एक्स ईएन चौमूं-01423-220069 

Post a Comment

0 Comments