मोक्ष धाम में अंतिम संस्कार के दौरान मिलेगी सुविधा,लकड़ी भी लगेगी कम

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संस्कार सृजन राम गोपाल सैनी 

चौमूं / जयपुर (संस्कार सृजन) शहर के मोरीजा रोड स्थित मोक्षधाम परिसर में गोड विप्र समाज द्वारा समाजहित में एक सराहनीय और अनुकरणीय पहल की गई है। दाह संस्कार की प्रक्रिया को सुगम और कम कष्टकारी बनाने के उद्देश्य से मोक्षधाम में विशेष लोहे का ढांचा तैयार करवाया गया है। इस व्यवस्था से दाह संस्कार में लकड़ी की खपत कम होगी, साथ ही धुएँ के कारण होने वाली परेशानी से भी राहत मिलेगी।

समाज के लोगों ने बताया कि पारंपरिक दाह संस्कार में अत्यधिक लकड़ी के उपयोग और धुएँ से न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुँचता है, बल्कि अंतिम संस्कार के समय परिजनों और उपस्थित लोगों को भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। लोहे के इस ढांचे के उपयोग से अग्नि समान रूप से फैलती है, जिससे कम लकड़ी में दाह संस्कार पूर्ण हो जाता है। इसके साथ ही मोक्षधाम परिसर में पूर्व में लगी लोहे की चादरें, जो समय के साथ जलकर नष्टप्राय हो चुकी थीं, उन्हें भी बदलवाया गया है।


यह कार्य यतींद्र मोहन तिवारी के परिवारजनों द्वारा करवाया गया, जिससे वर्षा अथवा अन्य प्राकृतिक परिस्थितियों में दाह संस्कार के दौरान किसी प्रकार की बाधा न आए। इस पुनीत कार्य में समाज के अनेक लोगों ने आर्थिक सहयोग एवं श्रमदान किया। सहयोग करने वालों में द्वारका शर्मा, दामोदर शर्मा , हजारीलाल शर्मा, महेंद्र शर्मा एडवोकेट , सुरेश शर्मा (एक्स-रे वाले), मनीकांत शर्मा , वैद्य शिवकुमार , वैद्य नरहरि , वैद्य ओमप्रकाश, एडवोकेट बनवारी शर्मा, अशोक रेवड़का, मेघराज शर्मा , अरुण मिश्रा, बनवारी शर्मा, आनंद मिश्रा, प्रदीप शर्मा सहित अन्य लोगों का योगदान रहा।

इसके अतिरिक्त श्री जागेश्वर नाथ मंदिर निर्माण समिति के सदस्यों द्वारा समय और श्रमदान किया गया, जो इस कार्य की सफलता में महत्वपूर्ण रहा। स्थानीय लोगों एवं समाज के वरिष्ठजनों ने गोड विप्र समाज की इस पहल की भूरी-भूरी प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे कार्य न केवल समाज को दिशा देते हैं, बल्कि भावी पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनते हैं।

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