जीवन अनमोल है , इसे आत्महत्या कर नष्ट नहीं करें !
सुबह की शुरुआत माता-पिता के चरण स्पर्श से करें !
संस्कार सृजन @ राम गोपाल सैनी
उदयपुर (संस्कार सृजन) लोकजन सेवा संस्थान ने आज श्रमजीवी महाविद्यालय के सोमानी सभागार में चक्रवर्ती राज सम्राट अशोक एवं संविधान निर्माता प्रमुख भीमराव अंबेडकर की जन्म जयंती हर्षोल्लास से मनाई | कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रोफेसर कर्नल एस एस सारंगदेवोत, विशिष्ट स्थिति कर्नल चरणजीत सिंह, गणमान्य अतिथि ब्रिगेडियर डॉक्टर सवाई सिंह जैतावत, लक्ष्मण सिंह कर्णावट व डॉ. मिश्री लाल मंडोत रहे | अध्यक्षता प्रोफेसर उमाशंकर शर्मा ने की | कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन, माता सरस्वती व दोनों विभूतियों के चित्र पर माल्यार्पण कर हुई |
संस्थान अध्यक्ष प्रोफेसर विमल शर्मा ने स्वागत उद्बोधन देते हुए बताया कि संभवत सम्राट अशोक का जन्मोत्सव मनाने वाला शहर में यह एकमात्र कार्यक्रम है | उन्होंने दोनों विभूतियों का स्वरचित कविता सुना यशोगन किया | अपने उद्बोधन में प्रोफेसर सारंगदेवोत ने कहा कि 23 विश्वविद्यालय की स्थापना के माध्यम से सम्राट अशोक ने भारत को शिक्षा व आध्यत्म में विश्व गुरु बनाया था | आज उसी भारतीय ज्ञान परंपरा को पुनः स्थापित कर भारत विश्व गुरु बन पाएगा | उस समय स्थापित (उकेरे) शिलालेख आज उनके महान कार्यों को विश्व के सामने रखने में सफल हुए हैं | सम्राट अशोक व भीमराव अंबेडकर दोनों ने मानवता व शोषित वर्ग के उत्थान के लिए के लिए अद्वितीय कार्य किये है |
प्रोफेसर उमाशंकर शर्मा ने कहा कि सम्राट अशोक अपने आप में एक आदर्श शासक को परिभाषित करता है | उनके धम्म आज भी मान्य है | प्रोफेसर मिश्रीलाल मांडोत, ब्रिगेडियर सवाई सिंह जैतावत, कर्नल चरणजीत सिंह, डॉ. मनीष श्रीमाली ने भी दोनों विभूतियों पर अपने विचार रखे | राष्ट्रीय कवि श्रेणी दान चारण देश भक्ति से ओत प्रोत कविता सुनाई | संचालन करते हुए महासचिव जय किशन चौबे ने संस्थान के आगामी उदयपुर स्थापना समारोह कार्यक्रम पर सुझाव आमंत्रित किए | आभार मनोहर लाल मुदड़ा द्वारा दिया गया | समारोह में संस्थान के पदाधिकारी, सदस्य व शहर के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे |
किसी भी कार्यक्रम को लाइव दिखाने के लिए संपर्क करें - 9214996258,7014468512.





