सतत् उपभोग,सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबन्ध एवं ई-वेस्ट प्रबन्धन पर ग्रीन एक्षन वीक अभियान का हो रहा आयोजन

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संस्कार सृजन राम गोपाल सैनी

जयपुर (संस्कार सृजन) हर साल अक्टूबर के पहले सप्ताह 3 से 9 अक्टूबर के दौरान मनाया जाने वाला ग्रीन एक्षन वीक सतत् उपभोग को बढ़ावा देने के लिए एक वैश्विक अभियान है। वर्ष 2022 के दौरान इस अभियान को करीब 60 संस्थाओं के द्वारा अफ्रीका, एशिया, यूरोप, उत्तर एवं दक्षिण अमेरिका के 40 देशों में मनाया जा रहा है। ग्रीन एक्षन वीक अभियान स्वीडिश सोसायटी फाॅर नेचर कन्जर्वेशन की एक अनूठी पहल है, जो भारत में जयपुर स्थित प्रमुख उपभोक्ता संस्था ‘कट्स’ इंटरनेशनल द्वारा पूरे देश में संचालित की जा रही है।

वर्ष 2018 से अब तक इस अभियान की थीम ’शेयरिंग कम्यूनिटी’ रखी गई है। अभियान के तहत साझा करने एवं सहयोग की संस्कृति को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इस वर्ष अभियान का उद्देश्य साझा और सहयोग के माध्यम से सभी को समान एवं सतत् उपभोग की सेवाएं प्रदान करने एवं मनुष्य तथा पृथ्वी के फायदे के लिए है। 

हाल ही में भारत में 1 जुलाई, 2022 से सिंगल यूज प्लास्टिक उत्पादों के निर्माण, आयात, भंडारण, वितरण बिक्री एवं उपयोग पर प्रतिबन्ध लगा दिया गया है। वर्ष 1950 से 2015 तक विश्व स्तर पर लगभग 8.3 बिलियन मीट्रिक टन प्लास्टिक उत्पादित किया गया था एवं इसका 80 प्रतिषत 6.3 बिलियन मीट्रिक टन कचरे के रूप में दर्ज किया गया था। संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम के अनुसार प्लास्टिक प्रदूषण वर्ष 1950 में दो मिलियन टन था, जो बढ़कर वर्ष 2017 में 348 मिलियन टन हो गया, जो  522.6 बिलियन डाॅलर का वैश्विक उद्योग बन गया। केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की वर्ष 2019-20 की रिपोर्ट के अनुसार भारत में सालाना 35 लाख मीट्रिक टन प्लास्टिक कचरा उत्पन्न होता है, वर्ष 2040 तक इसकी क्षमता दोगुनी होने की उम्मीद है।

वर्ष 2019 में विश्व  में 53.6 मिलियन मीट्रिक टन ई-कचरा दर्ज किया गया, जिसमें से एशिया का हिस्सा सबसे ज्यादा 24.9 मीट्रिक टन था। भारत, चीन और अमेरिका के बाद ई-कचरे का तीसरा बड़ा उत्पादक है, जो कि 3.2 मीट्रिक टन तथा प्रति व्यक्ति 2.4 किलो है। सरकार की पहल के बावजूद इस ई-कचरे का 90 प्रतिषत अनौपचारिक क्षेत्र द्वारा प्रबन्धित किया जाता है। ‘कट्स’ के निदेशक जाॅर्ज चेरियन ने बताया कि इस साल का अभियान सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध के प्रभावी क्रियान्वयन, ई-कचरे के उचित प्रबन्धन और लोगों को सतत् उपभोग के तरीकों के बारे में शिक्षित करने पर केन्द्रित है।

‘ग्रीन एक्षन वीक’ अभियान के संचालन के लिए ‘कट्स’ इंटरनेशनल राजस्थान के 12 जिलों सहित देश के 14 राज्यों में स्वयं सेवी संस्थाओं के साथ भागीदारी और समर्थन कर रहा है। ‘ग्रीन एक्षन वीक’ अभियान राजस्थान के जिन 12 जिलों में संचालित किा जा रहा हैं, वे हैं- जयपुर, दौसा, सवाई माधोपुर, कोटा, झालावाड़, चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़, भीलवाड़ा, बांसवाड़ा, डूंगरपुर, उदयुपर व जोधपुर में गतिविधियां संचालित की जा रही है। चेरियन ने बताया कि यह अभियान सतत् उपभोग पर काम करने वाली संस्थाओं का एक नेटवर्क बनाने में मदद करेगा तथा सामूहिक पैरवी के प्रयासों को मजबूत बनाने तथा सतत् उपभोग की आदतों में बदलाव लाकर सतत् भविष्य की ओर अग्रसर करेगा।

हम सभी किसी ना किसी रूप में जरूरतमंदों की सेवा कर सकते हैं | पड़ोसी भूखा नहीं सोए इसका ध्यान रखें |

" संस्कार सृजन " कोरोना योद्धाओं को दिल से धन्यवाद देता है |

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